प्रमोद झा
पटना : असम सरकार द्वारा भेजे गये नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स से संबंधित दस्तावेजों में से 17 हजार 877 दस्तावेजों की जांच कर बिहार सरकार ने इन्हें वापस भेज दिया है.
इनमें कुछ ऐसे भी दस्तावेज हैं, जो पठनीय नहीं थे, उन्हें भी वापस कर दिया गया है. दरअसल, असम में रह रहे लगभग 73 हजार 19 बिहारियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच के लिए बिहार सरकार को भेजा गया था. राजस्व व भूमि सुधार विभाग उन सारे दस्तावेजों की जांच करा रहा है. विभाग के अनुसार असम सरकार से मिले 341 दस्तावेज यूपी, पश्चिम बंगाल, नागालैंड, मिजोरम आदि राज्यों के हैं. इन्हें संबंधित राज्यों को भेज दिया गया.
इनके अलावा 40 हजार दस्तावेजों को संबंधित जिलों के पास भेजा गया है. आठ हजार दस्तावेजों को भेजने की तैयारी चल रही है. असम में रहनेवाले बिहारियों के द्वारा जमा दस्तावेज में वोटर आईकार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, आवासीय प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, शैक्षणिक योग्यता, ड्राइविंग लाइसेंस, पुनर्वास सहित अन्य दस्तावेज यहां भेजे गये हैं.
छपरा और मुजफ्फरपुर के दस्तावेज अधिक
इन दस्तावेजों के मुताबिक असम जाकर बसने वालों में कुछ जिलों के लोगों की संख्या अधिक है. इनमें छपरा के 7938, मुजफ्फरपुर के 7408, वैशाली के 3779, सीवान के 3768, पूर्वी चंपारण के 2973, गोपालगंज के 2076 दस्तावेज सत्यापन के लिए यहां आये हैं.
जांच के काम में तेजी
राजस्व व भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि असम सरकार द्वारा समय-समय पर दस्तावेज भेजे गये हैं. इन दस्तावेजों को संबंधित जिलों में सत्यापन के लिए भेजा गया है. सत्यापन का काम तेजी से हो रहा है. इसे जल्द पूरा कर लिया जायेगा.
