वर्कशॉप के अभाव में मरम्मत से लेकर धुलाई तक नहीं होती
नगर निगम में धुलाई तक की व्यवस्था नहीं
पटना : नगर निगम में सफाई उपकरणों की भारी कमी थी, जिससे राजधानी यानी निगम क्षेत्र से नियमित कचरे का उठाव नहीं हो रहा था. हालांकि बीते कुछ वर्षों में निगम प्रशासन ने करीब 80 करोड़ रुपये की लागत की सफाई उपकरणों की खरीदारी की है. लेकिन, अब इन उपकरणों व वाहनों का मेंटेनेंस नहीं हो रहा है. इसके कारण वाहन थोड़ी से खराबी आने पर महीनों खड़े रहते हैं. इनकी धुलाई तक की व्यवस्था नहीं है. मरम्मत व रखरखाव के लिए बना वर्कशॉप वर्षों से बेकार पड़ा है. इसे कोई देखने वाला नहीं है. इसके बावजूद नगर निगम मेंटेनेंस की व्यवस्था बेहतर करने के बदले और अधिक वाहन व उपकरणों की खरीद करने की योजना बना रहा है.
अगले माह से आपूर्ति होने लगेंगे उपकरण : निगम प्रशासन ने बड़ी संख्या में सफाई उपकरणों की खरीदारी की योजना बनायी है. इसमें 375 ट्विन बीन गारबेज टीपर, 75 ट्विन बीन डंपर प्लेसर, 300 डंपर प्लेसर बीन, 10 रोड स्वीपिंग मशीन, दो डिसिल्टिंग मशीन, 405 हाथ गाड़ी आदि शामिल है. जैम-पोर्टल के माध्यम से एजेंसियों को वर्क ऑर्डर भी दे दिया गया है. अगले माह से उपकरणों की आपूर्ति भी होने लगेगी.
वर्कशॉप निर्माण योजना अब तक फाइलों में
मेंटेनेंस वर्कशॉप बेहतर बनाने की योजना बनायी गयी थी. पटना सिटी अंचल कार्यालय के समीप भूखंड भी चयनित की गयी, लेकिन हुआ कुछ भी नहीं. वर्कशॉप निर्माण योजना अब तक फाइलों में दबी है. वहीं पिछले वर्षों में निगम प्रशासन ने 155 ऑटो टीपर के साथ साथ छोटा-बड़ा कॉम्पैक्टर, छोटा-बड़ा जेसीबी, छोटा-बड़ा हाइवा और जेट सेक्शन मशीन की खरीदारी की. इन्हें चारों अंचल में बांट दिया गया और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी दी गयी. लेकिन, इन उपकरणों को खड़ी करने की भी जगह नहीं है.
स्थिति यह है कि गाड़ियां सड़कों व अंचल कार्यालयों के बाहर जहां-तहां खड़ी रहती है. किसी गाड़ी में तकनीकी खराबी आ गयी, तो मैकेनिक के अभाव में दो-चार दिनों तक गाड़ी खड़ी रहती है. निगम प्रशासन ने बताया कि मेंटेनेंस वर्कशॉप बनाने की योजना है, जिस पर कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. संभावना है कि दो-चार माह के भीतर मेंटेनेंस वर्कशॉप बनाने की योजना पर काम शुरू कर दी जाये.
