आठ सदस्यीय टीम सोनार सिस्टम से खोज में उतरी
पटना सिटी : महात्मा गांधी सेतु के पाया संख्या 38 के पास गंगा में गिरी स्कॉर्पियो की खोज में गुरुवार को दसवें दिन विशाखापत्तनम से आयी आठ सदस्यीय नेवी की टीम ने सर्च आॅपरेशन चलाया. नेवी की इस टीम का नेतृत्व लेफ्टिनेंट एसके सिंह कर रहे हैं.
उनकी अगुवाई में गायघाट जेटी पहुंची नेवी की टीम ने सोनार सिस्टम के माध्यम से गंगा में सर्च आॅपरेशन चलाया. लेफ्टिनेंट ने बताया कि अत्याधुनिक सोनार सिस्टम में इमेजिंग की भी क्षमता है. इसके लिए जेमिनी मशीन का भी उपयोग किया गया है.
टीम के साथ पहुंचे आपदा विभाग के एडीएम मोइजउद्दीन ने बताया कि बीते दस दिनों से सर्च आॅपरेशन एनडीआरएफ व उत्तराखंड से आयी एक्सपर्ट की टीम लगातार चला रही थी. अब इंडियन नेवी को लगाया गया है. नेवी टीम की आवश्यकता को पूरा करने के लिए डीसीएलआर अखिलेश कुमार व कार्यपालक दंडाधिकारी उमेश कुमार सिंह को एसडीओ राजेश रोशन ने लगा रखा था. नगर पुलिस अधीक्षक राजेंद्र सिंह भील भी सर्च आॅपरेशन में शामिल हुए.
नेवी की टीम लगभग 12 बजे पानी में उतरी. इसके बाद उसने घटनास्थल का मुआयना किया. वहां लगभग एक घंटा की तलाशी ली. टीम के सदस्यों ने बताया कि पानी में करेंट अधिक की होने की स्थिति में बोट वहां पर ठहर नहीं पा रही थी. इसके बाद बड़े बोट से तलाशी करायी गयी.
फिर भी देर शाम तक हुई तलाशी में टीम को सफलता नहीं मिली. शुक्रवार को भी टीम की ओर से गंगा में सर्च आॅपरेशन चलाया जायेगा. नेवी टीम के साथ सहायक कमांडेंट अवनिश शाही, इंस्पेक्टर राजेश कुमार व राकेश कुमार आदि शामिल हैं.
डिप्टी कमांडेंट बालाजी ने बताया कि साउंड नेविगेशन एंड रेजिंग सिस्टम के तहत टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए साउंड वेब सामने मौजूद ऑब्जेक्ट से टकरा कर वापस आती है. तब पता लगा सकते हैं कि सामने वाला ऑब्जेक्ट कितनी दूरी पर है. नेवी टीम के पास साउंड के साथ इमेज की भी सुविधा है. स्थिति यह है कि गंगा के निरंतर बढ़ते जल स्तर व धारा तेज होने की स्थिति में साउंड वेब से आकलन नहीं हो पा रहा है.
बताते चलें कि बीते 31 जुलाई की सुबह लगभग सवा पांच बजे हाजीपुर की तरफ से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो गांधी सेतु के पाया संख्या 38 के पास कट प्वाइंट के समीप लोहे की रेलिंग को तोड़ती हुई गंगा में गिर गयी थी. इसके बाद उच्चाधारियों के निर्देश पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
