पटना : सूबे के अन्नदाता किसानों को अब घर बैठे तकनीकी सलाह मिलेगी. किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार उनके घर पर जायेंगे. कृषि विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया है. राज्य में इनकी संख्या करीब 10 हजार है. पिछले दिनों विभाग के प्रधान सचिव ने इस संबंध में संयुक्त कृषि निदेशक व जिला कृषि पदाधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये विभाग के कामकाज की समीक्षा की थी.
इस समीक्षा बैठक में अनेक योजनाओं की समीक्षा हुई, लेकिन फोकस इस बात पर रहा कि कृषि समन्वयक व किसान सलाहकार किसानों के दरवाजे तक पहुंचे. किसानों को निबंधित कराएं, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके. राज्य में अभी करीब आठ लाख किसान निबंधित हैं.
दो पंचायत पर एक कृषि समन्वयक रहते हैं. डीजल अनुदान में इनकी बड़ी भूमिका होती है. यही किसानों के आवेदन को अग्रसारित करते हैं. किसान सलाहकार हर पंचायत में होते हैं.
वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने सभी संयुक्त कृषि निदेशक और जिला कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया था कि सभी कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार किसान के घर पर जाएं. किसानों को खेती से संबंधित तकनीकी सलाह दें. सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दें.
और यह भी बताएं कि वो इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं. इसके अलावा कृषि समन्वयक और सलाहकार से उनकी समस्याओं और आवश्यक्ता की जानकारी लें साथ ही उसका समाधान भी करें. जो समाधान मुख्यालय स्तर पर होना होगा उसे मुख्यालय को भेजें. जिन समस्याओं का समाधान आॅन द स्पाॅट होना है उसे तत्काल करें. मालूम हो कि राज्य में पहली बार इस तरह की व्यवस्था की गयी है.
