पटना सिटी : महात्मा गांधी सेतु के पाया संख्या 38 के पास स्कॉर्पियो के गंगा में गिरे बुधवार को नौ दिन हो रहे हैं, पर उसका कुछ पता नहीं चल पाया है. इस अवधि में एनडीआरएफ के साथ चार दिनों से उत्तराखंड से आयी पांच सदस्यीय एक्सपर्ट टीम ने सोनार सिस्टम के माध्यम से 45 फुट से भी अधिक गहराई तक गंगा में तलाशी की, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पायी. सहायक कमांडेंट अवनिश शाही ने बताया कि एक्सपर्ट टीम लगातार सर्च अभियान चला रही है. बुधवार को तेज हवा की वजह से सर्च आॅपरेशन में परेशानी हो रही थी.
बोट विपरीत दिशा में कार्य नहीं कर पा रही थी. इसके बाद भी गंगा में सर्च आॅपरेशन फतुहा तक चलाया गया है. स्थिति यह है कि गंगा के निरंतर बढ़ते जल स्तर व पानी के अंदर व बाहर दोनों जगहों पर तेज करेंट होने की स्थिति में साउंड वेब से आकलन नहीं हो पा रहा है. एसडीओ राजेश रोशन भी सर्च आॅपरेशन की स्थिति का आकलन करने पहुंचे थे.
बताते चलें कि 31 जुलाई की सुबह लगभग सवा पांच बजे हाजीपुर की तरफ से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सेतु के पाया संख्या 38 के पास कट प्वाइंट के समीप लोहे की रेलिंग को तोड़ती हुई गंगा में गिर गयी थी. इधर,उम्मीद लेकर पहुंच रहे लापता आदर्श के परिवार व दोस्त गंगा में चल रहे सर्च आॅपरेशन पर निगाह रखे हुए हैं. एक्सपर्ट की टीम भी कामयाब नहीं हो पायी है. लापता आदर्श के परिचित व रिश्तेदार की टोली एक-एक कर आती-जाती रहती है. यह सिलसिला शाम तक बना रहा.
पटना सिटी : गंगा में गिरी स्कॉर्पियो की तलाश में गुरुवार को फ्लोटिंग क्रेन का इस्तेमाल किया जायेगा. एनडीआरएफ के लोगों ने बताया कि संभावना है कि सोनार सिस्टम से हुई खोज में घटनास्थल पाया संख्या 38 के पास फ्लोटिंग क्रेन से तलाशी में कुछ सफतला मिल सकती है. सर्च आॅपरेशन के दरम्यान पाया के पास कुछ होने की संभावना थी. इसी आधार पर गुरुवार को सर्च कराया जायेगा.
