पटना : मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के बाद सरकार सभी शेल्टर होम्स की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था दुरुस्त करेगी. इसके लिए उच्च तकनीक आधारित उपकरणों का इस्तेमाल किया जायेगा. इनमें सीसीटीवी और एंड्रॉयड मोबाइल फोन शामिल हैं. इसके साथ ही सभी जिले के डीएम और चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) को इन शेल्टर होम्स की जांच कर समय पर समाज कल्याण विभाग मुख्यालय में रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया जा रहा है. उनकी रिपोर्ट का मूल्यांकन मुख्यालय में एक उपनिदेशक करेंगे.
समाज कल्याण विभाग के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि सभी शेल्टर होम्स में रहने वालों (बच्चे-बच्चियों सहित) को एंड्रॉयड मोबाइल उपलब्ध करवाये जायेंगे. इसमें केवल तीन बटन होंगे. एक बटन ऐसा होगा जिसे दबाने से विभाग और जिलास्तर के एक-एक अधिकारी तुरंत जुड़ जायेंगे.
उनसे अपनी समस्याएं बतायी जा सकेंगी. वहीं दूसरा बटन दबाने से यह संपर्क कट जायेगा. तीसरा बटन इमरजेंसी के लिए होगा. शेल्टर होम्स में रहने वालों को तुरंत मदद की आवश्यकता होने पर यह बटन दबाया जा सकेगा. इससे भी विभाग और जिला के अधिकारी जुड़े होंगे और जरूरतमंदों को तुरंत सहायता उपलब्ध करा दी जायेगी. इस मोबाइल में शेल्टर होम्स की सभी गतिविधियां कैद होती रहेंगी. बाद में इन्हें देखा जा सकेगा.
सभी शेल्टर होम्स की निगरानी के लिए सिविल सोसाइटी को भी जोड़ा जायेगा. इसके लिए सभी जिले के डीएम को स्थानीय सिविल सोसाइटी से संपर्क करने का निर्देश समाज कल्याण विभाग ने दिया है. इसके तहत 10 सदस्यीय समिति बनायी जायेगी और वह प्रत्येक तीन महीने में शेल्टर होम्स का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेगी.
अधिकारियों व कर्मियों की कमी से समस्या
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि समाज कल्याण निदेशालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी है. इस कारण काम करने में समस्या आ रही है. यहां संयुक्त निदेशक के दो उप निदेशक के तीन, एसओ का एक और असिस्टेंट के चार पद खाली हैं. हालांकि हाल ही में विभाग को चार उपनिदेशक प्रतिनियुक्ति के आधार पर मिले हैं. इससे काम की गति में तेजी आयेगी.
कॉलेज के छात्रों ने निकाला मार्च
पटना. मुजफ्फरपुर बालिका गृह दुष्कर्म के विरोध में संत जेवियर कॉलेज और संत जेवियर कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के छात्र-छात्राओं ने पैदल मार्च निकाला. मार्च कॉलेज के मुख्य द्वारा से शुरू होकर दीघा-आशियाना मोड़ पर पहुंचकर संपन्न हुआ. मार्च का उद्देश्य समाज में महिलाओं व बच्चियों के प्रति हो रहे दुर्व्यवहार और अत्याचारों के खिलाफ समाज को एकजुट करने का था. छात्र-छात्राओं की आवाज को बुलंद करते हुए प्राचार्य व शिक्षकों ने भी इसमें हिस्सा लिया.
सीबीआई ने जेल अधीक्षक से मांगी ब्रजेश की हेल्थ रिपोर्ट
पटना : मुजफ्फरपुर कांड में सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) ने जांच का दायरा बढ़ाना शुरू कर दिया है. सीबीआई ने मुजफ्फरपुर जेल अधीक्षक से मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर की हेल्थ रिपोर्ट मांगी गयी है. यह माना जा रहा है कि ब्रजेश को कोई घातक बीमारी नहीं है, जिसका इलाज जेल में नहीं हो सकता. सीबीआई उसे रिमांड पर लेने की तैयारी में दिख रही है. ब्रजेश की कॉल डिटेल से लेकर समाज कल्याण विभाग से मिले दस्तावेजों की गहन छानबीन की जा रही है. कॉल डिटेल में पटना के ही कई रसूखदार लोगों के नंबर मिले हैं. इन पर कब और कैसे सीबीआई हाथ डालेगी, इसकी तैयारी की जा रही है.
टीस की रिपोर्ट सार्वजनिक करना नियम संगत नहीं : पटना. समाज कल्याण विभाग ने प्रधान सचिव अतुल प्रसाद ने सोमवार को साफ कहा कि टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज ( टीआइएसएस) की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. बालिका गृह में रहनेवाली लड़कियां नाबालिग हैं. उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती. मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोक संवाद के बाद उन्होंने यह बात कही.
