पटना : मार्क्सवादी चिंतक राम श्रेष्ठ दीवाना और कविता कुमारी के नाम संयुक्त रूप से प्रकाशित कविता-संग्रह ‘फांसी पर गणतंत्र’ का वर्ष 2018 के लिए नोबेल अवार्ड के लिए अनुशंसा की गयी है.
इस पुस्तक की सारी कविताएं राम श्रेष्ठ दीवाना और कविता कुमारी ने मिल कर लिखी है. इनकी पुस्तक की अनुशंसा करते हुए ललित नारायण मिथिला विवि दरभंगा हिंदी विभाग के प्रो सुरेंद्र प्रसाद सुमन ने दोनों रचनाकारों को तुलना कबीर और वाल्टेयर से करते हुए इन सदी के बड़े कवि बताएं हैं. कलुआ डोम, आजादी खतरे में और राजा सलहेश इनकी चर्चित पुस्तकें हैं. इनकी लगभग बीस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है.
