पटना : मुख्यमंत्री बिहार में पर्यटन विकास को लेकर चिंतित हैं. उनका सपना है कि यहां पर्यटन उद्योग विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सके. इसके लिए वे लगातार प्रयास भी कर रहे हैं. लेकिन दूसरी ओर बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के अधिकारी उनके सपनों को बिखेरने में जुटे हैं. इसकी वास्तविकता देखनी है, तो आर ब्लाॅक स्थित पर्यटन निगम द्वारा संचालित कौटिल्य बिहार आना होगा. यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और सुरक्षा व्यवस्था है ही नहीं. सुरक्षा के नाम पर यहां मेटल डिटेक्टर लगा है, लेकिन जब से लगा है, तब से बंद पड़ा है. सुरक्षा के नाम पर सिर्फ मजाक किया जा रहा है.
न तो शुद्ध पेयजल की सुविधा और न ही शौचालय में साफ-सफाई
पटना : मुख्यमंत्री बिहार में पर्यटन विकास को लेकर चिंतित हैं. उनका सपना है कि यहां पर्यटन उद्योग विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सके. इसके लिए वे लगातार प्रयास भी कर रहे हैं. लेकिन दूसरी ओर बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के अधिकारी उनके सपनों को बिखेरने में जुटे हैं. इसकी वास्तविकता देखनी है, […]

पर्यटन निगम के कौटिल्य विहार का हाल बेहाल
कौटिल्य विहार में देश- विदेश से आनेवाले पर्यटकों के बैठने के लिए खानापूर्ति के नाम पर लॉबी में दो सोफे लगे हैं. यहां आनेवाले पर्यटकों के लिए न तो समाचार पत्र हैं और न ही मैगजीन और न ही टीवी की सुविधा है. पर्यटन निगम की लॉबी में एक ही शौचालय है, जिसमें पुरुष और महिला पर्यटकों को जाना पड़ता है. दूसरी मंजिल पर शौचालय में लगे दो यूनिरल में एक की पाइप निकली है, तो दूसरे यूनिरल से मूत्र शौचालय में फैला रहता है.
छह-सात कमरों में
लगी रहती है सीलन
कौटिल्य विहार में 40 कमरे हैं, लेकिन 12 कमरों में पर्यटन निगम मुख्यालय का कार्यालय चलता है. 28 कमरे पर्यटकों के लिए हैं. लेकिन इनमें से छह-सात कमराें में सीलन लगने से इसमें कोई पर्यटक नहीं ठहरते हैं. ये रूम पहली मंजिल पर हैं. पर्यटकों को ध्यान में रख यहां लिफ्ट भी लग गयी है. इन सब प्रयासों के बावजूद होटल कौटिल्य विहार की ओर पर्यटक आकर्षित नहीं हो रहे हैं.
भव्य होटल निर्माण के लिए निर्देश दिये गये थे. उस पर पहल नहीं हुई है.