पटना : बारिश शुरू होते ही मच्छरजनित डेंगू व मलेरिया की बीमारी का खतरा बढ़ गया है. चिकित्सा विभाग ने शहर के 12 इलाकों को हाई रिस्क क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया है. इन क्षेत्रों में मच्छरों के लार्वा नष्ट करने के लिए अभी से कवायद शुरू करने के लिए आदेश जारी किया गया है.
डीडीटी स्प्रे का छिड़काव करने के साथ ही अगर बारिश का पानी भरता है, तो उसे तुरंत निकालने का आदेश है. विभाग की मानें, तो जिन 12 जगहों को हाई रिस्क डेंगू जोन घोषित किया गया है, वहां हर साल बारिश का पानी भरने की शिकायत आती है.
साथ ही उन इलाकों में डेंगू के मरीज अधिक पाये जाते हैं.
ट्रांसपोर्ट नगर के आते हैं सबसे ज्यादा मरीज : शहर में डेंगू के कहर से प्रभावित सबसे अधिक ट्रांसपोर्ट नगर के मरीज होते हैं. बाईपास इलाके में बसे ट्रांसपोर्ट नगर में खाली प्लॉटों की संख्या सबसे अधिक है. नतीजा हर साल बारिश का पानी प्लॉटों में जमा हो जाता है और मच्छरों के लार्वा पनपने लगते हैं. नतीजा यहां पर रहने वाले लोग डेंगू व मलेरिया की चपेट में आ जाते हैं.
ये हैं चिह्नित जोन
ट्रांसपोर्ट नगर, कंकड़बाग, मीठापुर, मैनपुरा, राजेंद्र नगर, कृष्णा नगर, राजीव नगर, महेंद्रू, बाजार समिति, पत्थर की मस्जिद, खाजेकलां, इंद्रपुरी.
क्या कहते हैं अधिकारी
सिविल सर्जन डॉ पीके झा ने बताया कि बारिश के मौसम में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है. जिन इलाकों में खाली प्लॉट व बारिश का पानी जमा होने का खतरा रहता है.
