पटना सिटी : घर-घर जाकर चिह्नित किये गये यक्ष्मा रोगियों का सत्यापन अब सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर करेंगे. चयनित सुपरवाइजर को सात दिनों का आवासीय प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रशिक्षण के उपरांत सुपरवाइजर जिले में जाकर यह यक्ष्मा पीड़ित मरीजों के वर्तमान स्थिति की जांच करेंगे. दवा का कोर्स पूरा कराने का दायित्व भी इन पर होगा. इसके लिए अगमकुआं स्थित यक्ष्मा केंद्र में कार्य चल रहा है.
केंद्र के अपर निदेशक डॉ नवल किशोर ओझा ने बताया कि सिविल सर्जन के स्तर पर जिलों में सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर का चयन किया जा रहा है. अभी दो जिले मधेपुरा व गोपालगंज से चयन की सूची विभाग में आयी है. दोनों जिलों में चयनित नौ सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर को 30 जुलाई से छह अगस्त तक केंद्र पर आवासीय प्रशिक्षण दिया जायेगा. अपर निदेशक के अनुसार जिन-जिन जिलों से सूची आयेगी, उन जिलों के सुपरवाइजर के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था केंद्र में होगी
यक्ष्मा मरीजों की आधुनिक जांच के लिए हर जिले में दो-दो सीबी नेट सेंटर खोला जायेगा. जहां पर यक्ष्मा मरीजों की जांच कर बीमारी की पुष्टि की जायेगी. अपर निदेशक डॉ नवल किशोर ओझा ने बताया कि राज्य भर में साढ़े सात सौ माइक्रोस्कोपी सेंटर कार्य कर रहे हैं.
इसके अलावा दो सीबी नेट सेंटर खोलने की योजना पर कार्य चल रहा है. साथ ही यक्ष्मा उन्मूलन अभियान से जुड़े जिला स्तरीय नोडल पदाधिकारियों को 16 से 18 जुलाई तक प्रशिक्षण भी दिया गया है जिसमें 29 जिलों के नोडल पदाधिकारी शामिल हुए थे. अपर निदेशक की मानें तो यक्ष्मा उन्मूलन के लिए सरकार के स्तर पर जो योजना बनायी गयी है. उसे मजबूती से अमल में लाने का कार्य कराया जा रहा है.
