स्कूलों पर शिकंजा कसने में बेबसी, पुनर्वास बड़ी चुनौती

किराये की बिल्डिंग में स्कूली छात्रावास पटना : फतुहा के शेफाली इंटरनेशनल स्कूल को विधिवत बंद करने के आदेश हो सकते हैं. क्योंकि, जिला शिक्षा कार्यालय की तरफ से स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की जा चुकी है. हालांकि विभाग के सामने स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के पुनर्वास की चुनौती सबसे […]

किराये की बिल्डिंग में स्कूली छात्रावास
पटना : फतुहा के शेफाली इंटरनेशनल स्कूल को विधिवत बंद करने के आदेश हो सकते हैं. क्योंकि, जिला शिक्षा कार्यालय की तरफ से स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की जा चुकी है. हालांकि विभाग के सामने स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के पुनर्वास की चुनौती सबसे अहम है.
दरअसल शासन के नियमानुसार बच्चों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित रखना अनिवार्य है. इसके लिए विभाग के पास दो विकल्प हैं. पहला, अभिभावकों को सलाह दी जा सकती है कि वे खुद किसी निकटवर्ती सरकारी स्कूल या पसंद के किसी स्कूल में अपने बच्चों का पंजीयन करा लें. दूसरा, खुद विभाग इन बच्चों का रजिस्ट्रेशन करा कर किसी दूसरे स्कूल में ट्रांसफर कर दे.
जानकारी हो कि शेफाली इंटरनेशनल स्कूल विधिसम्मत ढंग से संचालित नहीं था. यही नहीं उसका स्कूली छात्रावास भी नियम के खिलाफ संचालित था.
सबसे अहम यह कि स्कूल को मान्यता भी हासिल नहीं थी. फिलहाल अभिमन्यु प्रकरण के बाद उस पर वैधानिक कार्रवाई की अनुशंसा राज्य सरकार से की जा चुकी है. जिला शिक्षा अधिकारी ने यह रिपोर्ट राज्य शासन को दे दी है. इस पर सख्त एक्शन होने की उम्मीद है.
फतुहा में 27 ऐसे स्कूल हैं जिनको बंद करने का नोटिस पिछले साल सितंबर माह में ही दिये जा चुके हैं. शिक्षा विभाग की तरफ से नोटिस का जवाब देने का तय समय भी निकल चुका है. स्कूलों ने नोटिस पर कोई खास ध्यान नहीं दिया है. इसके बाद भी इन स्कूलों पर गाज नहीं गिरायी जा रही, क्योंकि विभाग के सामने सैकड़ों
बच्चों के शैक्षणिक पुनर्वास की बड़ी चुनौती है.
जहां तक शेफाली इंटरनेशनल स्कूल की बात है तो एक आवासीय विद्यालय में जो सुविधा व सुरक्षा होनी चाहिए, वह उपलब्ध नहीं थी. आवासीय विद्यालय के लिए अपना छात्रावास भवन व वार्डेन से लेकर सुरक्षाकर्मियों तक के संबंध में संबंधित थाने में जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए. उनका पुलिस वेरिफिकेशन होना चाहिए. शेफाली स्कूल इन शर्तों पर खरा नहीं उतरता. जिसके मद्देनजर शिक्षा विभाग से स्कूल का एनओसी रद्द करने की अनुशंसा की गयी है
—ज्योति कुमार, डीईओ, पटना

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