पटना: बिहार के मुख्यमंत्रीसहजदयूकेराष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आज लोकसभा चुनाव के लिए एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकरजारी चर्चापरस्थितिसाफ करतेहुएहैकि एक माह के भीतर भाजपा की तरफ से प्रस्ताव आ जायेगा. उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू के बीच इस मामले पर जल्द ही सबकुछ तय हो जायेगा.मुख्यमंत्रीने कहा किबिहारमें दोनों दल मिलकर सरकार चला रहे हैं. भाजपाध्यक्षअमितशाह से मिलना और साथ में नाश्ता व भोजन सामान्य बात है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना में लोक संवाद की बैठक के बाद मीडिया सेबातचीतकेदौरान उक्त बातें कहीं. नीतीश कुमार से जब अमित शाह के साथ हुई मुलाकात के दौरान सीट शेयरिंग को लेकर हुई बातचीत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बंद कमरे में हुई बातचीत कैसे बाहर आ सकती है. बात देश और राज्य से संबंधित कई मुद्दों पर हुई. लोकसभा चुनाव से जुड़ी भी सारी बातें चार-पांच हफ्तों में फाइनल हो जायेगी.
सीएमनीतीश ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने वे तमाम बातें खुद ही कह दी जो मीडिया में आ रही थीं. इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी मौजूद थे. एनडीए के सभी दलों के बीच सीट बंटवारे के बारे में भी नीतीश कुमार ने संकेत देते हुए कहा कि भाजपा, जदयू, लोजपा और रालोसपा का शीर्ष नेतृत्व इस मसले को हल करेगा.
इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 12 जुलाई को अपने बिहार दौरे के दौरान नीतीश कुमार से पटना में एक ही दिन में दो बार मुलाकात किया था और एनडीए में मजबूत एकजुटता का संदेश दिया था. मिशन 2019 पर राज्यों के दौरा पर निकले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह नेअपने पटना दौरे के दौरान बिहार के सभी लोकसभा सीटों पर एनडीए की जीतकादावाकिया था.
उल्लेखनीय है कि बिहार मेंएनडीए में शामिल दलों में जदयू और भाजपा के अलावा केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा और उपेंद्र कुशवाह का दल रालोसपा जैसी छोटी पार्टियां भी शामिल हैं. बिहार में कुल 40 लोकसभा सीटें हैं. वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव भाजपा, लोजपा और रालोसपा ने साथ मिलकर लड़ा था जिनमें भाजपा 22 सीटों पर लोजपा छह सीटों और रालोसपा तीन सीटों पर विजयी रही थीं.
पिछले लोकसभा चुनाव में अकेले दम पर लड़ी जदयू मात्र दो ही सीट पर विजयी रही थी और इस चुनाव में करारी हार मिलने के बाद उसने महागठबंधन में शामिल राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर 2015 का बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा था और भारी सफलता हासिल की थी. नीतीश कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की कथित मुस्लिम पार्टी की टिप्पणी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के कई अन्य नेताओं की कड़ी प्रतिक्रियाओं सहित अन्य राजनीतिक प्रश्नों पर कोई जवाब नहीं दिया. उन्होंने बस इतना कहा कि दूसरे दलों में लोग क्या कहते हैं इस पर वह टिप्पणी नहीं कर सकते.
