पटना : राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रविवार को राजभवन में स्नातक में नामांकन के लिए छात्रों की पहली सूची जारी की. राज्य में पहली बार स्नातक में नामांकन के लिए सभी 10 विश्वविद्यालयों के 440 कॉलेजों का समेकित रूप से ऑनलाइन आवेदन कराया गया था.
इसमें चार लाख 11 हजार छात्रों ने आवेदन किया था, जिनमें से तीन लाख 44 हजार विद्यार्थियों की पहली सूची राज्यपाल ने जारी की है. जिनके नाम पहली सूची में शामिल हैं, वे विभिन्न कॉलेजों में 16 से 24 जुलाई के बीच नामांकन ले सकेंगे. पहली सूची में कुछ तकनीकी कारणों से 60 हजार छात्रों के नाम प्रकाशित नहीं हो सके हैं. इन छात्रों को फिर से 26 से 29 जुलाई के बीच ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गयी है. उन्हें आवेदन ओएफसीसी (ऑनलाइन फेसिलिटेशन सिस्टम फॉर स्टूडेंट) पोर्टल पर करना होगा. इसी पोर्टल पर पहले भी छात्रों ने आवेदन किया है. तीन अगस्त को दूसरी सूची और 22 अगस्त को तीसरी सूची जारी होगी.
इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि सभी कॉलेजों में छात्र बिना किसी परेशानी और कम खर्च में सुविधापूर्ण तरीके से स्नातक में नामांकन ले सकेंगे. उन्होंने इन प्रणाली के सफल क्रियान्वयन के लिए बधाई देते हुए कहा कि नामांकन की इस ऑनलाइन व्यवस्था से पारदर्शिता आयेगी. इस मौके पर राज्यपाल के प्रधान सचिव, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर समेत अन्य मौजूद थे.
छात्रों को मिली इससे यह सुविधा
इस नयी तकनीक से कई कॉलेजों में आवेदन करने के लिए छात्रों को एक भटकना नहीं पड़ेगा. ऑनलाइन पोर्टल पर समेकित रूप से आवेदन करने से अलग-अलग कॉलेजों को लिए प्रॉस्पेक्टस और आवेदन पत्र खरीदने और उन्हें अलग-अलग जमा करने के लिए इधर-उधर दौड़ना नहीं पड़ेगा. इस नयी व्यवस्था से गरीब छात्रों को काफी सुविधा मिलेगी. पहले छात्रों को किसी कॉलेजों में नामांकन के लिए कितनी सीटें हैं और वहां के इन्फ्रास्ट्रक्चर की जानकारी नहीं मिलती थी. कॉलेजों को भी आवेदन छपवाने से लेकर इन्हें जमा लेने और फिर प्रोसेसिंग में काफी समय लगता था. इन तमाम तरह की समस्याओं से पूरी तरह से छुटकारा मिल गया.
वसुधा और जिला निबंधन केंद्र से भी कर सकते आवेदन
स्नातक में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा घर बैठे भी की जा सकती है या वसुधा या जिला निबंधन कार्यालयों से भी की जा सकती है. इस बार भी 3400 वसुधा केंद्रों और 314 जिला निबंधन सह परामर्श केंद्रों से छात्रों ने आवेदन किया था. आने वाले समय में भी इन केंद्रों से छात्र इसका लाभ ले सकते हैं.
इसके अलावा बिहार बोर्ड ने मुख्यालय में भी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) की स्थापना की है. इसमें प्रोजेक्ट मैनेजर से लेकर सीनियर एडमिनिस्ट्रेटर और डेवलपर तक मौजूद रहते हैं, जो इस पूरी प्रक्रिया की मॉनीटरिंग करते हैं. इसके अलावा सभी जिलों में 75 जिला पीएमयू की भी स्थापना की गयी है. पटना में चार, अन्य बड़े जिलों में तीन, मध्यम जिलों में दो और छोटे जिलों में एक सेंटर बनाये गये हैं. इनकी मदद से ऑनलाइन आवेदन की मॉनीटरिंग की जाती है.
सभी 10 विश्वविद्यालयों के 440 कॉलेज जुड़े
ऑनलाइन आवेदन करने के लिए तैयार किये गये नये पोर्टल ओएफसीसी (ऑनलाइन फेसिलिटेशन सिस्टम फॉर स्टूडेंट) से सभी 10 विश्वविद्यालयों के 440 कॉलेज जुड़े हुए हैं. इससे छात्रों को स्पष्ट रूप से पता चला जाता है कि कहां किस विषय में कितनी सीटें हैं और कहां-कहां क्या सुविधाएं मौजूद हैं. इससे छात्र पांच से अधिकतम 20 तक कॉलेजों का विकल्प लेकर आवेदन कर सकते हैं.
आगे क्या
कॉलेजों को 25 जुलाई तक नामांकन की सूची पोर्टल पर अपलोड कर देनी है, ताकि खाली बची सीटों के लिए दूसरी सूची प्रकाशित की जा सके.
26 से 29 जुलाई तक छूटे हुए छात्रों के अलावा आवेदक बेहतर विकल्प वाले कॉलेजों का चयन पोर्टल पर लॉगइन करके कर सकते हैं. छात्र चाहे, तो अपने आवेदन में अतिरिक्त विकल्प को भी जोड़ सकते हैं.
तीन अगस्त को दूसरी सूची जारी की जायेगी, जिसमें शामिल छात्र 4 से 10 अगस्त तक नामांकन ले सकेंगे.
दूसरी सूची में चयनित छात्रों के नामांकन लेने के बाद इसका पूरा विवरण और बची सीटों की संख्या को 12 अगस्त तक पोर्टल पर अपलोड करना है.
22 अगस्त को तीसरी सूची जारी की जायेगी. तीसरी सूची के छात्र 23 से 27 अगस्त के बीच नामांकन ले सकेंगे.
कॉलेजों को तीसरी सूची में नामांकन लेने वाले छात्रों का विवरण और खाली सीटों की संख्या 29 अगस्त तक पोर्टल पर अपलोड करनी होगी.
इसके बाद बची सीटों पर छात्र सीधे ले सकेंगे नामांकन.
