पटना : पटना विश्वविद्यालय ने मगध महिला कॉलेज की पूर्व प्राचार्या शशि शर्मा द्वारा लगाये गये आरोपों पर कड़ा एतराज जताया है और संभव है कि इस मामले में शशि शर्मा से जल्द ही स्पष्टीकरण पूछा जायेगा. फिर इसी के आधार पर विवि आगे निर्णय करेगा.
विवि के रजिस्ट्रार मनोज मिश्र के अनुसार कई और भी शिक्षक हैं, जिनका प्रमोशन रद्द किया गया है. सेलेक्शन कमेटी अपना निर्णय देने के लिए स्वतंत्र है और कमेटी के ऊपर किसी तरह का दबाव नहीं डाला जा सकता है. उनका निर्णय सर्वमान्य है, उस निर्णय को कोई नहीं बदल सकता.
उन्होंने कहा कि कई और लोगों का प्रमोशन रिजेक्ट हुआ है, तो क्या सभी का जाति के आधार पर ही प्रमोशन रद्द किया गया है. जो कानूनन उचित था वह सेलेक्शन कमेटी द्वारा निर्णय लिया गया. शशि शर्मा का पीएचडी से पहले कोई शोध आर्टिकल प्रकाशित नहीं था, जबकि कम-से-कम तीन आर्टिकल प्रकाशित होना अनिवार्य है.
उन्होंने कहा कि सेलेक्शन कमेटी के निर्णय को नोटिफाई करना विवि का काम है.प्रमोशन के लिए जो जरूरी अर्हताएं हैं, वे होने के बाद ही किसी को प्रमोशन दिया जा सकता है. कमेटी ने साफ तौर पर उनके प्रमोशन को रिजेक्ट कर दिया था. इस पर कुलपति क्या कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि विवि के सर्वोच्च पद पर बैठे अधिकारी पर जाति की वजह से प्रमोशन न करने का आरोप लगाना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है. अगर कोई व्यक्ति प्रोफेसर के लिए योग्य नहीं है, तो उनका प्रमोशन उक्त पद के लिए कैसे किया जा सकता है. प्रमोशन के लिए जाति का आरोप लगा कर और इसे राजनीतिक रंग देकर विवि प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है. विवि ने इसे गंभीरतापूर्वक लिया है. जल्द ही नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
जल्द होगी कार्रवाई
कुलपति पर इस तरह से खुलेआम जाति आधारित आरोप लगाना अनुशासनहीनता है. अभी इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है लेकिन इस पर जल्द ही कानून सम्मत कार्रवाई की जायेगी.
प्रो एनके झा, स्टूडेंट्स वेलफेयर डीन, पीयू
