पटना : जिस चाणक्य ने मगध के सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य को शासन चलाने का गुर सिखाया था, उसी पाटलिपुत्र की धरती पर आज भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने चाणक्य के अर्थशास्त्र का पाठ पढ़ा. भाजपा अध्यक्ष प्रदेश पार्टी कार्यालय में ई-लाइब्रेरी का उदघाटन कर रहे थे.
उद्घाटन का फीता काटने के बाद उन्होंने कंप्यूटर पर क्लिक का बटन दबाया और स्क्रीन पर चाणक्य के अर्थशास्त्र का पेज खुल गया. उस पेज पर उनकी आंखें अपलक घूमती रहीं. आसपास खड़े लोग एकटक कंप्यूटर की ओर देख रहे थे. उन्होंने पहला पेज पढ़ा और जिज्ञासा बढ़ती गयी. तमाम व्यस्तताओं के बावजूद इस पुस्तक के छह पेज पढ़ डाले.
टिल्य और उनका अर्थशास्त्र बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत तमाम राजनेताओं का भी प्रिय विषय रहा है. ऐसे मे लोकसभा चुनाव के पहले सीट शेयरिंग पर चर्चा करने आये अमित शाह का कौटिल्य के अर्थशास्त्र से गुजरना खास मायने रखता है.
दरअसल, लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को बौद्धिक रूप से भी तैयार कर लेना चाहती है. भाजपा का लक्ष्य अपने कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, सिद्धांत और भविष्य की योजनाओं से अवगत कराना है. इसके अलावा सामयिक घटनाओं और केंद्र सरकार की उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार को भी इसमें शामिल किया गया है.
