बाढ़ राहत व बचाव कार्य के लिए चार हजार करोड़ का प्रावधान
पटना : इस बार विधानमंडल का मॉनसून सत्र कुछ खास होगा. इसके शुरू होते ही 20 जुलाई को राज्य सरकार अपना पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी. यह अनुपूरक बजट करीब 17 हजार करोड़ का होने का अनुमान है, जो चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित कुल बजट एक लाख 76 हजार 990 करोड़ के अतिरिक्त होगा.
इस अनुपूरक बजट में संभावित बाढ़ के लिए करीब चार हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है. पिछले वर्ष बाढ़ राहत कार्य में तकरीबन इतने ही रुपये खर्च हुए थे. मुख्यमंत्री आकस्मिक निधि के आकार को भी बढ़ा कर करीब सात हजार करोड़ किया जा रहा है. शेष बचे करीब छह हजार करोड़ निर्माण से जुड़े विभागों में खर्च के लिए रखी जायेगी.
शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण समेत अन्य प्रमुख विभागों के खर्च की रफ्तार अच्छी नहीं : इस पहले के अनुपूरक बजट में बाढ़ राहत फंड और सीएम आकस्मिक फंड के ही पैसे रखे जाते रहे हैं. इस बार विभागों के लिए छह हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान है. चालू वित्तीय वर्ष में सरकारी महकमों के खर्च की रफ्तार धीमी है. 92 हजार 317 करोड़ की पूंजीगत व्यय या योजना आकार की राशि का साढ़े तीन माह में महज 30 फीसदी ही खर्च हुआ है.
कई विभागों में तो यह 10 से 15 फीसदी के आसपास ही है. आधे से ज्यादा विभागों ने 25 फीसदी रुपये खर्च हुई है. शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण समेत अन्य प्रमुख विभागों के खर्च की रफ्तार अच्छी नहीं है. इसी वजह से पहले अनुपूरक बजट में विभागों के लिए ज्यादा प्रावधान नहीं किये गये हैं.
