पटना : कमजोर मॉनसून का असर अब नदियों पर दिखाई देने लगा है. गंगा नदी के कैचमेंट में अभी तक मॉनसून मेहरबान नहीं दिख रहा है. यही वजह है कि नदी किनारे बसे दूसरे शहरों की तरह पटना के गंगा घाटों पर नदी का जल स्तर (अपवाद समय छोड़ कर) बढ़ने की अपेक्षा कमोबेश स्थिर है या घट रहा है. हालांकि इन दिनों मॉनसूनी बारिश का आदर्श समय चल रहा है. अधिकृत जानकारी के मुताबिक पटना स्थित गंगा नदी के गांधी घाट पर पिछले साल सात जुलाई की अपेक्षा इस साल जल स्तर एक फुट से अधिक (33 सेमी) नीचे है. बात साफ है कि अभी नदी में जल बहाव औसत से भी कम है.
पटना में पिछले साल से एक फुट नीचे बह रही गंगा
पटना : कमजोर मॉनसून का असर अब नदियों पर दिखाई देने लगा है. गंगा नदी के कैचमेंट में अभी तक मॉनसून मेहरबान नहीं दिख रहा है. यही वजह है कि नदी किनारे बसे दूसरे शहरों की तरह पटना के गंगा घाटों पर नदी का जल स्तर (अपवाद समय छोड़ कर) बढ़ने की अपेक्षा कमोबेश स्थिर […]

न के बराबर हुई है बारिश : गंगा के जल स्तर में यह कमी तब दर्ज की गयी है, जब दो दिन पहले बक्सर क्षेत्र में नदी के कैचमेंट (जल ग्रहण क्षेत्र) में अच्छी खासी बारिश हुई है. गंगा नदी के जल स्तर में लगातार कमी होने का मतलब है कि इसके कैचमेंट में बारिश न के बराबर हुई है. यह चिंता का विषय है, क्योंकि यह नदी कुछ राज्यों के लिए लाइफ लाइन है. जल संसाधन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2017 में गांधी घाट पर गंगा नदी का जल स्तर 44.42 मीटर था. इस साल सात जुलाई को ही इसी घाट पर ही नदी का जल स्तर 44.09 मीटर है. यानी करीब पिछले साल की तुलना में 33 सेंटीमीटर कम जल स्तर है. इसका सीधा अर्थ है कि गंगा नदी का कैचमेंट अभी सूखा है. उदाहरण के लिए पटना के ऊपर अर्थात इलाहाबाद में पिछले साल की तुलना में एक सेंटीमीटर, बनारस में तीन सेंटीमीटर कम जल स्तर बना हुआ है.
गंगा में अभी पानी कम है. दरअसल इसके कैचमेंट में अभी ठीक से बारिश नहीं हुई है. पिछले साल की तुलना में नदी में करीब एक फुट कम जल स्तर है. गंगा की सहयोगी नदियों की भी यही दशा है.
राजेश कुमार, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, पटना, जल संसाधन विभाग
पुनपुन नदी का जल स्तर भी कम
पटना शहर के ग्राउंड वाटर की ‘मास्टर की’ पुनपुन नदी है. भूजल विदों के मुताबिक पुनपुन नदी में पानी आने से ही शहर के भूजल स्तर में बढ़ोतरी होती है. पिछले साल सात जुलाई को पुनपुन नदी का जल स्तर 92़ 80 मीटर था, जबकि अभी पुनपुन का जल स्तर 92़ 70 है. इससे भूजल संकट बढ़ सकता है.