पटना : बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के लेखा सहायक जितेंद्र कुमार को 26 साल बाद आखिरकार इंसाफ मिल गया. पर्यटन निगम ने जितेंद्र कुमार को 18 अप्रैल, 1992 से नियमित करने का निर्णय लिया है.
पटना उच्च न्यायालय द्वारा 3 अक्तूबर, 2007 में पारित आदेश के आलोक में पर्यटन निगम प्रबंधन ने कुमार को नियमितिकरण का वेतन भुगतान करने का आदेश जारी किया है.
साथ ही वेतन के निर्धारण एवं पुनरीक्षण की भी स्वीकृति दी है. इसका आदेश पर्यटन निगम के प्रबंधक प्रशासन गजेंद्र सिंह ने बुधवार को जारी किया. आदेश जारी होने के बाद जितेंद्र कुमार ने छह जुलाई को पर्यटन निगम के मुख्यालय परिसर में अपने परिवार के साथ आत्मदाह करने की धमकी को वापस ले लिया है.
इस संबंध में प्रभात खबर ने 25 जून को ’26 वर्षों बाद भी नहीं किया गया स्थायी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी, जिसमें जितेंद्र कुमार की व्यथा को प्रमुखता से उजागर किया गया था. इस मामले में पर्यटन निगम के आदेश के पूर्व पटना उच्च न्यायालय दो बार लेखा सहायक जितेंद्र कुमार के पक्ष में निर्णय दे चुका था.
इसके पहले कुमार के पक्ष में निगम का निदेशक मंडल और श्रम विभाग भी नियमित करने का निर्णय दे चुका था. आदेश जारी होने के बाद पर्यटन निगम के लेखा सहायक जितेंद्र कुमार ने प्रभात खबर को धन्यवाद देते हुए कहा कि इंसाफ मिलने के साथ ही एक परिवार बर्बाद होने से बच गया.
