पटना : राजभवन सभागार में आज राज्यपाल सह कुलाधिपति सत्य पाल मलिक की अध्यक्षता में कुलपतियों की नियमित मासिक बैठक आयोजित की गयी. जिसमें विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक विकास, आधारभूत संरचना के संवर्द्धन आदि कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार किया गया. बैठक में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के अतिरिक्त शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन, राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के अपर सचिव मनोज कुमार, राज्यपाल सचिवालय के अपर सचिव विजय कुमार सहित शिक्षा विभाग और राज्यपाल सचिवालय के अन्य कई वरीय अधिकारी भी उपस्थित थे.
बैठक की शुरुआत में कुलाधिपति सह राज्यपाल ने ‘बीएड कॉलेज एप्स’ का भी इलेक्ट्रॉनिक शुभारंभ किया, जिसके जरिये इन महाविद्यालयों में वर्ग–संचालन, शिक्षक और छात्र उपस्थिति की दैनिक समीक्षा प्रेषित मोबाइल फोटोग्राफ्स के जरिये की जा सकेगी. बैठक में राज्यपाल को प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने मासिक पत्रिका ‘राज भवन संवाद’ के जुलाई अंक की प्रथम प्रति भी सादर समर्पित की. बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि हमें विश्वविद्यालयों के लिए निर्धारित एजेंडों पर तेजी से आगे बढ़ना है. राज्यपाल ने निर्धारित एजेंडों के आलोक में विभिन्न विश्वविद्यालयों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया. साथ ही, प्रगति में निरंतरता बनाये रखने के लिए भी प्रेरित किया.
राज्यपाल ने आज की बैठक में कुलपतियों को कहा कि ‘एकेडमिक कैलेंडर’ और ‘परीक्षा कैलेंडर’ के अनुरूप सत्र–संचालन, परीक्षा–आयोजन व ससमय परीक्षाफल– प्रकाशन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 के दिसंबर माह तक विश्वविद्यालयों को विभिन्न सत्रों की लंबित सभी परीक्षाएं हर हालत में संपन्न कराते हुए ससमय उनका परीक्षा–फल प्रकाशित कर देना है.
राज्यपाल ने सेवांत लाभ से जुड़े सभी मामलों के भी त्वरित निष्पादन पर जोर देते हुए कहा कि कार्यरत शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों को नियमित वेतन और हर तरह की बकाया राशि भी शीघ्र भुगतान की जानी चाहिए. साथ ही हर माह ‘पेंशन अदालतें’ लगाते हुए सेवानिवृत्त कर्मियों के सेवांत लाभ से संबंधित राशि का भी भुगतान समय से हो जाना चाहिए.
कुलाधिपति ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी की समस्या शिक्षा विभाग, बिहार लोक सेवा आयोग और नये रूप में गठित होनेवाले ‘विश्वविद्यालय सेवा आयोग’ के माध्यम से यथाशीघ्र दूर कर लेगा. राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में शिक्षा विभाग द्वारा प्रदान किये गये दिशा–निर्देश के आलोक में तात्कालिक रूप से ‘गेस्ट फैकल्टी’ नियुक्त करने के काम को यथा शीध्र पूरा करने को कहा, ताकि विश्वविद्यालयों में शिक्षण–कार्य में कोई असुविधा नहीं हो.
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नये विश्वविद्यालयों सहित अन्य विश्वविद्यालयों में भी आवश्यकतानुरूप नये पदों के सृजन, पद–विलोपन और पदों के समपरिवर्त्तन हेतु सभी विश्वविद्यालय, शिक्षा विभाग को अपने प्रस्ताव आगामी 15 जुलाई, 2018 तक अवश्य उपलब्ध करा देंगे. विभाग प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए इनकी मंजूरी आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए देगा. विश्वविद्यालयों में शिक्षा विभाग के मार्ग-निर्देशों के आलोक में निर्धारित मानदेय राशि पर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित आरक्षण-नियमों का पालन करते हुए तात्कालिक रूप से ‘गेस्ट फैकल्टी’ की अस्थायी नियुक्ति यथाशीघ्र की जायेगी.
बैठक में अन्तर्विश्वविद्यालयीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता ‘तरंग’ और खेलकूद प्रतियोगिता ‘एकलव्य’ के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालयों को अपने आंतरिक संसाधनों का उपयोग करने को कहा गया. आवश्यकतानुसार शिक्षा विभाग से भी सहयोग लेने का निर्णय हुआ. विश्वविद्यालयों में हर माह की कोई एक तारीख निर्धारित करते हुए ‘विशेष स्वच्छता अभियान’ चलाने के साथ–साथ, ‘हर परिसर, हरा परिसर’ की योजना पर भी मुस्तैदी से अमल करने का निर्णय लिया गया. इस वर्ष की वर्षा ऋतु में वन प्रमंडल पदाधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर इस योजना को सफल बनाने का निर्णय लिया गया. बैठक में राज्य सरकार के ‘लोक शिकायत निवारण अधिनियम’ के अनुरूप विश्वविद्यालयों में भी शिकायत–निवारण की सांस्थिक व्यवस्था बहाल करने के लिए आवश्यक कार्रवाई का निर्णय लिया गया.
शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मियों के विरूद्ध असूचित अनुपस्थिति के मामलों को अंतिम परिणति तक पहुंचाने का निर्णय बैठक में लिया गया, साथ ही ‘बायोमैट्रिक हाजिरी’ की व्यवस्था के लिए आवश्यक तकनीकी उपकरण महाविद्यालय परिसरों में भी यथाशीघ्र संस्थापित कराने हेतु कुलपतियों को कहा गया. विश्वविद्यालय परिसरों में ‘वाई-फाई व्यवस्था’ में और अधिक बेहतरी की अपेक्षा करते हुए कार्यकारी एजेंसी को लगातार अनुश्रवण हेतु ताकीद किया गया।. बैठक में आरटीजीएस पद्धति से वेतन भुगतान करने, शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मियों के बैंक खाते ‘आधार’ से इंटर लिंक करने, मान्यताप्राप्त कॉलेजों को स्वीकृति प्रदान करने, संचालित विभिन्न योजनाओं से संबंधित उपयोगिता प्रमाण–पत्र उपलब्ध कराने और बीएड प्रवेश परीक्षा के सफल आयोजन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई.
