प्रभात रंजन
पटना : निगम प्रशासन ऑनलाइन नक्शा स्वीकृत करने की प्रक्रिया को और आसान बनाने जा रहा है, ताकि छोटे और जी+तीन फ्लोर यानी 12 मीटर तक ऊंचे मकानों का ऑटोमेटिक नक्शा स्वीकृत किया जा सके.
इसके लिए ऑटो डीसीआर सॉफ्टवेयर की मदद ली जायेगी. पिछले दिनों स्थायी समिति की बैठक में इस सॉफ्टवेयर को डेवलप करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गयी है. निगम प्रशासन निजी एजेंसियों के सहयोग से सॉफ्टवेयर डेवलप करने की प्रक्रिया में जुट गया है.
दरअसल निगम क्षेत्र में मकान बनाने के लिए नक्शा पारित कराने की प्रक्रिया काफी जटिल है. इस प्रक्रिया को खत्म करते हुए नगर आवास विकास विभाग ने नगर सेवा नामक सॉफ्टवेयर विकसित किया. लेकिन लोगों व बिल्डरों की समस्या खत्म नहीं हुई. इससे निगम की शहरी योजना शाखा में नक्शा स्वीकृत करने वाले आवेदनों की बैकलॉग काफी बढ़ गयी.
पटना मास्टर प्लान 2031 को जियोग्रफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) बेस बनाया गया है. मास्टर प्लान में इंडस्ट्रियल एरिया, एजुकेशनल एरिया, रेसिडेंशियल एरिया, कॉमर्शियल एरिया और एग्रीकल्चर एरिया के साथ साथ एक-एक सड़क की लंबाई व चौड़ाई दर्ज है.
वहीं, मास्टर प्लान के आलोक में बिल्डिंग बायलॉज-2014 तैयार किया गया है. मास्टर प्लान को ऑटो डीसीआर सॉफ्टवेयर से इंटीग्रेट किया जायेगा, ताकि मास्टर प्लान और बिल्डिंग बायलॉज-2014 के अनुरूप व शीघ्र नक्शे की स्वीकृति दी जा सके.
घर बैठे स्वीकृत होगा नक्शा
ऑटो डीसीआर सॉफ्टवेयर डेवलप होने के बाद 12 मीटर तक ऊंचे मकान का नक्शा घर बैठे घंटों में स्वीकृत हो जायेगा. आवेदक को नगर निगम की वेबसाइट पर लॉगइन करना होगा, जहां बिल्डिंग प्लान एप्रूवल का ऑप्शन आयेगा. इस पेज के ओपेन होने के बाद आवेदक को भूखंड से संबंधित डिटेल देना होगा. अगर दिये गये डिटेल्स सही होंगे, तो तत्काल नक्शा स्वीकृत हो जायेगा या फिर आवेदन रिजेक्ट कर दी जायेगी.
मांगा जायेगा टाउन प्लानर
नगर निगम की शहरी योजना शाखा में टाउन प्लानिंग के लिए डायरेक्टर और डिप्टी डायरेक्टर का पद है. लेकिन, शहरी योजना शाखा में एक भी टाउन प्लानर नहीं है. स्थिति यह है कि नगर मुख्य अभियंता डायरेक्टर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं.
वहीं, डिप्टी डायरेक्टर पद पर भी इंजीनियरिंग सेक्शन के अधिकारी ही तैनात हैं. निगम प्रशासन ने नगर आवास विकास विभाग से टाउन प्लानर की प्रतिनियुक्ति की मांग की है, ताकि निर्धारित समय सीमा व बिल्डिंग बायलॉज के अनुरूप नक्शे की स्वीकृति दी जा सके. निगम अधिकारी बताते हैं कि बोर्ड की अगली बैठक में डीसीआर सॉफ्टवेयर डेवलप करने की मंजूरी मिल जायेगी. इसके बाद महीना-दो महीना में सॉफ्टवेयर विकसित कर लिया जायेगा.
