करगहर (रोहतास) : मैं वोट के लिए नहीं, बिहार के विकास के लिए राजनीति करता हूं. कुछ लोग राजनीति के नाम पर सता के गलियारे तक पहुंचने के लिए जातीय समीकरण बनाते हैं और समाज में हो रहे अच्छे कार्यों को भी गलत साबित करने के लिए दुष्प्रचार करते रहते हैं.
लेकिन, मैं इसमें विश्वास नहीं करता और न ही इसको तवज्जो देता हूं. यह बात गुरुवार को करगहर में सूबेदार सिंह महाविद्यालय के संस्थापक व भूमिदाता की मूर्ति का अनावरण करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कही.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें इस कार्यक्रम में शामिल होकर बेहद खुशी हो रही है, क्योंकि एक ऐसा व्यक्ति, जिन्होंने शिक्षित न होकर भी इस ग्रामीण इलाके में महाविद्यालय का निर्माण करा शिक्षा के माध्यम से समाज में व्याप्त खाई को पाटने का काम किया. वह व्यक्ति आम नहीं, बल्कि समाज व देश के हित में सोचने वाले खास लोगों की श्रेणी में श्रेष्ठ है.
उन्होंने कहा कि उनके वंशजों को भी उनके मार्ग पर चल कर उनकी इस ख्याति को बरकरार रखना चाहिए. मुख्यमंत्री ने राजनीति करनेवालों को नसीहत देते हुए कहा कि राजनीति में लाभ का नहीं, देश व समाज हित का काम करना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग विकास के लिए हर क्षेत्र में काम कर रहे हैं, वह चाहे स्वास्थ्य हो, समाज कल्याण हो, बुनियादी ढांचे का निर्माण हो, पुल-पुलिया का निर्माण हो या शिक्षा का क्षेत्र हो. शिक्षा में सुधार के लिए चार लाख शिक्षकों की बहाली की है. आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों के सभी खाली पदों को भरा जायेगा.
