पटना : कांग्रेस के विधायक व पूर्व मंत्री अब्दुल जलील मस्तान के 25, हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास को जबरन खाली कराने के लिए पिछड़ा वर्ग व अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री के सुरक्षा गार्ड सहित अन्य लोग पहुंचे. सुरक्षा गार्डों ने पूर्व मंत्री अब्दुल जलील मस्तान से अमर्यादित बातचीत करते हुए आवास को खाली करने को लेकर तेवर दिखाया. इस पर पूर्व मंत्री के आवास पर रह रहे किशनगंज जिले के लोगों के विरोध पर सुरक्षा गार्डों सहित अन्य लोगों को वापस जाना पड़ा.
पूर्व मंत्री ने कहा कि मंत्री बृज किशोर बिंद के आदमी आकर जबरन आवास खाली कराने के लिए पहुंचे. जबकि वे खुद हड़ताली मोड़ के समीप मिलनेवाले नये आवास 22/60में साफ-सुथरा होने पर चले जाने की तैयारी में है. भवन निर्माण विभाग द्वारा आवास का साफ-सुथरा करने में समय लगने की बात कही गयी है. तब तक उक्त सरकारी आवास में रहने देने के संबंध में डीएम को पत्र लिखा है.पूर्व मंत्री ने कहा कि उनके क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं.
ऐसी स्थिति में उक्त आवास को रहने देने के लिए मुख्यमंत्री, विधान सभा अध्यक्ष को पत्र लिखा. लेकिन उनके पत्र पर किसी तरह का विचार नहीं हुआ. जबरन आवास खाली कराने की बात पर पिछड़ा वर्ग व अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री बृज किशोर बिंद ने कहा कि पूर्व मंत्री अब्दुल जलील मस्तान ने आवास खाली करने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि जब सुरक्षा गार्ड रहने के लिए लिए आयेंगे तो कमरा खोल दूंगा.
जब वे लोग गये तो उसका विरोध किये. मंत्री ने कहा कि उनके सुरक्षा गार्ड खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण मंत्री मदन सहनी के आवास पर मजबूरी में रह रहे हैं. पूर्व मंत्री मस्तान को मानवता के आधार पर सरकारी आवास को खाली कर उनको अपने आवास में जाना चाहिए. मंत्री ने कहा कि वे आवास खाली कराने के लिए प्रशासन को कहेंगे.
