पटना : बिहार में जदयू और राजद में इन दिनों बयानबाजी का दौर जारी है. लालू ने नोटबंदी के एक वर्ष पूरा होने पर विरोध दिवस मनाने और श्राद्ध करने की घोषणा की है. इसे लेकर बिहार में राजनीति तेज हो गयी है. बिहार में जदयू के प्रवक्ता सह विधान पार्षद नीरज कुमार ने लालू यादव से सवाल पूछते हुए बड़ा हमला बोला है. नीरज कुमार ने कहा है कि हर दल को अपना कार्यक्रम तय करने का अधिकार है, लेकिन राष्ट्रीय जनता दल ने काला दिवस मनाने का फैसला लिया और उसको श्राद्ध दिवस कहा है ? नीरज कुमार ने कहा कि काला धन का जिनके ऊपर आरोप है वो काला दिवस और श्राद्ध दिवस मना रहे हैं ?
नीरज कुमार ने कहा है कि हमारा ये अनुरोध है की श्राद्ध दिवस के दिन आदरणीय लालु प्रसाद जी और जिन पर भी सीबीआई, ईडी का आरोप है सब मुंडन करवा लेंगे और गंगा तट पर जाकर अपने पाप का राजनैतिक श्राद्ध भी कर लेंगे. उस दिन हमारी यह उम्मीद बरक़रार है. उन्होंने कहा कि लालु जी का बेटा है और इंटर पास है, स्नातक नहीं कर पाया. चूंकि स्वाभाविक रूप से मेधा का जो इस्तेमाल होना चाहिए पढ़ने के लिए, तो मेधा को काला धन को जमा करने और व्यवस्थित करने में खपा दिये. तेज प्रताप तो बेचारा है, अनुकंपा पर राजनीति में बहाल हुआ था, पिता के बल पर मंत्री बन गये.स्वास्थ्य मंत्री बने तो २०-२२ महीने में मानसिक स्वास्थ्य तो कम से कम ठीक हो जाना चाहिए था,बेहतर होना चाहिए था. मानसिक स्वास्थ्य भी ठीक नहीं हो पाया तो इसलिए तेज प्रताप दया के पात्र हैं.
बताया जा रहा है कि नीरज के इस बयान के बाद एक बार फिर राजनीतिक तूफान उठना स्वाभाविक है.
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