52 जगहों पर चिह्नित हैं पार्किंग पर वाहन के लिए जगह ही नहीं

पार्किंग की जगह लगती हैं दुकानें बोरिंग केनाल रोड के बीच में पार्किंग के लिए निकाला गया है 12 लाख का टेंडर जहां खड़े किये जा सकते हैं 400 वाहन, वहां पर मात्र 20 फोर व्हीलर खड़ी करने की जगह पटना : शहर के कुल 52 जगहों पर नगर निगम ने वाहन पार्किंग के लिए […]

पार्किंग की जगह लगती हैं दुकानें
बोरिंग केनाल रोड के बीच में पार्किंग के लिए निकाला गया है 12 लाख का टेंडर
जहां खड़े किये जा सकते हैं 400 वाहन, वहां पर मात्र 20 फोर व्हीलर खड़ी करने की जगह
पटना : शहर के कुल 52 जगहों पर नगर निगम ने वाहन पार्किंग के लिए जगहों का चयन किया है. बीते कई वर्षों से बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड, अशोक राजपथ से लेकर गांधी मैदान व अन्य कई क्षेत्रों में इन स्थलों का चिह्नित किया गया है, लेकिन मात्र तीन जगह पर ही निगम ने पार्किंग को निविदा के आधार पर मंजूरी दिया है.
शेष सभी या तो विभागीय वसूली पर छोड़ा गया है या वहां प्राइवेट लोग अपने तरीके से वसूली कर रहे हैं. जहां एक तरफ शहर में वाहन खड़ा करने की कोई सुविधा नहीं है. वहीं अगर कोई आम आदमी गलती से सड़क के किनारे वाहन खड़ा कर दिया तो उसको पुलिस के जुर्माना देना ही पड़ता है.
तीन अंचलों में 52 पार्किंग स्टैंड : शहर के नूतन राजधानी अंचल, बांकीपुर और कंकड़बाग अंचल में 52 पार्किंग स्थल है. जहां पर 8 से 400 वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था रहती है.
बोरिंग कैनाल रोड पर सबसे अधिक गाड़ियों को पार्क किया जा सकता है. इसके अलावा ऐसी ही स्थिति एसके मेमोरियल हॉल, कुम्हरार के पास, चिल्ड्रन पार्क सहित एक दर्जन जगहों पर पार्किंग स्थल का है. वहीं पेसू एवं पीएचईडी कार्यालय के उत्तर तरफ पार्किंग स्थल का पता ही नहीं है. शहर में एक दर्जन से अधिक ऐसी जगह पर निगम ने पार्किंग के लिए टेंडर दे दिया जहां की वह खुद जगह तलाश रहा है. पार्किंग का टेंडर निकालते समय निगम के अधिकारी नक्शे के हिसाब से जगह चिह्नित करते हैं. शहर के व्यस्त क्षेत्र में निगम पार्किंग की जगह जहां पर निर्धारित करती है वह स्थान कागज में खाली भले दिखे, जमीन पर कब्जा रहता है.
पुलिस के जुर्माने का शिकार होते हैं लोग
बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड, साहित्य सम्मेलन, राज फर्नीचर शॉप के साथ ही एक दर्जन जगहों पर वाहन पार्किंग की जगह है. यहां पर वाहनों की पार्किंग के लिए जगह के निर्धारण के साथ ही कर्मचारी भी रखे गये हैं, लेकिन अधिकतर जगहों पर पार्किंग की जगह दुकानें खुल गई हैं.
बोरिंग कैनाल रोड के बीचों बीच वाहन खड़ा करने के लिए लगभग 12 लाख रुपये का टेंडर है. जहां पर 400 वाहनों के खड़ा करने की व्यवस्था है, लेकिन पार्किंग स्थल पर मात्र 20 फोर व्हीलर खड़ी की जा सकती है. अधिकतर जगह अतिक्रमित है. ऐसे ही साहित्य सम्मेलन, राज फर्नीचर के सामने भी पार्किंग स्थल पर दुकान सजी रहती हैं. मजबूरन लोगों को सड़क पर वाहन खड़ा करना पड़ता है. और पुलिस के जुर्माना का शिकार होना पड़ता है.
फ्लाई ओवरों के नीचे बनी पार्किंग में अतिक्रमण
बेली रोड पर बने फ्लाई ओवर के नीचे सबसे बड़ी पार्किंग भी विवादों की भेंट चढ गयी. नगर निगम व पुल निर्माण निगम के बीच पत्राचार व स्वामित्व सौंपने को लेकर पत्राचार होता रहा. दोनों विभागों किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे. और लोगों ने फ्लाइ ओवर ने नीचे कब्जा कर लिया.
अब वहां दुकानें लगती है. या सामने वाले दुकानदार अपनी गाड़ी खड़ी करते हैं. इसके अलावा एग्जिविशन रोड फ्लाई ओवर के नीचे भी अतिक्रमण हो चुका है.

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