अब तेजस्वी से कभी भी हो सकती है पूछताछ

पटना : सीएम नीतीश कुमार ने इस्तीफा देने के बाद कहा कि लोकतंत्र, लोक-लाज से चलता है. इसके साथ ही मौजूदा मंत्रिमंडल भंग हो गया और तेजस्वी प्रसाद यादव पूर्व डिप्टी सीएम हो गये. बेहद खास से आम बनने के साथ ही लालू प्रसाद के परिवार की मुश्किलें और बढ़ने की संभावना बढ़ गयी है. […]

पटना : सीएम नीतीश कुमार ने इस्तीफा देने के बाद कहा कि लोकतंत्र, लोक-लाज से चलता है. इसके साथ ही मौजूदा मंत्रिमंडल भंग हो गया और तेजस्वी प्रसाद यादव पूर्व डिप्टी सीएम हो गये. बेहद खास से आम बनने के साथ ही लालू प्रसाद के परिवार की मुश्किलें और बढ़ने की संभावना बढ़ गयी है.
सीबीआइ जल्द ही तेजस्वी प्रसाद यादव से पूछताछ कर सकती है. क्योंकि वे लालू प्रसाद के रेलवे मंत्री के कार्यकाल में हुए रेल रत्न होटल आवंटन घोटाला मामले में पूर्व डिप्टी सीएम लालू प्रसाद, राबड़ी देवी के बाद तीसरे नंबर के मुख्य अभियुक्त हैं. पूछताछ की कार्रवाई नयी दिल्ली बुलाकर ही की जायेगी. तेजस्वी से उनके मां-पिता के साथ या फिर अलग-अलग बुलाकर पूछताछ की जा सकती है.
इसके अलावा तेजस्वी प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ बेनामी संपत्ति के मामले में आयकर विभाग की जो कार्रवाई चल रही है, वह भी तेज होने ही संभावना है. आयकर विभाग ने तो पहले ही उनकी तमाम अवैध या बेनामी संपत्ति को जब्त करने के लिए चिह्नित कर रखा है.
एक पखवाड़े के अंदर इन पर नोटिस चिपकाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. हालांकि किसी भी जांच एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है. दूसरी तरफ लालू प्रसाद की बड़ी बेटी और सांसद मीसा भारती के खिलाफ इडी की जांच बेहद तेजी से चल रही है. यह जांच दिल्ली में मौजूद उनकी तमाम संपत्तियों से जुड़ी हुई है. इस जांच के भी गति पकड़ने की पूरी संभावना जतायी जा रही है. इस मामले में तकरीबन रोजाना इडी के अधिकारी मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार से तमाम पहलुओं पर पूछताछ कर रहे हैं.
सीबीआइ की एफआइआर के बाद बदला मामला : वर्ष 2004 में लालू प्रसाद ने रेल मंत्री कार्यकाल में रेलवे के दो रेल रत्न होटलों का गलत तरीके से आवंटन करने के मामले में सीबीआइ ने सात जुलाई को नयी दिल्ली में एफआइआर दर्ज करने के बाद पटना स्थित उनके सरकारी आवास में सर्च किया था. सुबह करीब सात बजे से शुरू हुई यह छापेमारी देर शाम तक चली. इस दौरान घर के एक-एक कमरे को खंगाला गया.
आ‌वास से कंप्यूटर, टैब, लैपटॉप समेत जमीन-जायदाद के अन्य कई दस्तावेज जब्त करके सीबीआइ अपने साथ ले गयी थी. इसके बाद से लगातार राजनीतिक स्थिति बिगड़ती चली गयी. हालांकि कई बार ऊपर से देखने पर यह भी लगा कि सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन हकीकत ऐसी नहीं थी.

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