महागठबंधन अटूट! बंद कमरे में नीतीश से मिले तेजस्वी, 40 मिनट तक हुई बातचीत, समझौते की कोशिश

पटना : होटल के बदले भूखंड मामले में सीबीआइ के छापे को लेकरबिहारमें सत्तारुढ़ जदयू और राजद के बीच बढ़ी कटुता के चरम सीमा पर पहुंच जाने की अटकलों के बीच उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज यहां संपन्न मंत्रिपरिषद में भाग लिया. इससे पहले नीतीश की मौजूदगी में गत […]

पटना : होटल के बदले भूखंड मामले में सीबीआइ के छापे को लेकरबिहारमें सत्तारुढ़ जदयू और राजद के बीच बढ़ी कटुता के चरम सीमा पर पहुंच जाने की अटकलों के बीच उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज यहां संपन्न मंत्रिपरिषद में भाग लिया. इससे पहले नीतीश की मौजूदगी में गत 15 जुलाई को पटना में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम से तेजस्वी के गायब रहने से भी महागठबंधन में रार और गहरी हुयी थी.

पटना स्थित पुराने सचिवालय में आज शाम करीब एक घंटे तक चली राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद तेजस्वी मुख्यमंत्री के कक्ष में गये. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तेजस्वी और नीतीश के बीच बंद कमरे में करीब 40 मिनट तक बातचीत हुई. इस दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और तेजस्वी के भाई तेजप्रताप यादव और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तथा शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी भी मुख्यमंत्री के कक्ष में मौजूद थे. हालांकि इस दौरान उनके बीच क्या बातचीत हुई इस बारे में बातें बाहर नहीं आ सकी है, लेकिन इसे यह दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है कि जदयू, राजद और कांग्रेस का महागठबंधन अटूट है.

इससे पूर्व एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए राजद के मंत्री आज एक बार फिर पटना के दस सकुर्लर रोड स्थित राजद प्रमुख लालू प्रसाद की पत्नी राबडी देवी के आवास पर इकठ्ठा हुए और साथ में मंत्रिपरिषद की बैठक में भाग लेने पंहुचे. मंत्रिपरिषद की बैठक में भाग लेने तेजस्वी और तेजप्रताप एक वाहन पर सवार होकर पहुंचे थे.

उल्लेखनीय है कि लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहने के दौरान 2004 में रांची और पुरी स्थित आइआरसीटीसी के दो होटलों का लाइसेंस जारी किए जाने के बदले लालू के परिवार को तीन एकड भूखंड दिए जाने के मामले में तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद, राबडी देवी और पांच अन्य का नाम आने के मद्देनजर सीबीआइ ने गत शुक्रवार को लालू के आवास सहित 12 ठिकानों पर छापे मारे थे.

इसके बाद करीब पांच दिनों तक चुप रही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने तेजस्वी से उनपर लगे आरोपों के बारे में पूर्ण तथ्यों के साथ जनता की अदालत के बीच जाने को कहा था लेकिन राजद प्रमुख ने अपनी ओर से महागठबंधन को तोड़ने से इनकार किया करते हुए अपने विधायक दल के उस निर्णय कि तेजस्वी के इस्तीफे का कहीं कोई प्रश्न ही नहीं उठता का हवाला देते हुए इस कार्वाई को ‘राजनीति से प्रेरित ‘ बताया था और उन्होंने कहा था कि सारी बातें पहले से सार्वजनिक है, जिसे देखना हैं देखे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >