Bihar Mining Constable Recruitment : बिहार में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. पटना समेत पूरे राज्य में जल्द ही करीब 1000 खनन सिपाहियों की भर्ती की जाएगी. इसके साथ ही खनन विभाग के लिए अलग कैडर बनाने की भी तैयारी शुरू कर दी गई है, ताकि निगरानी और कार्रवाई को और मजबूत बनाया जा सके. सरकार का मकसद है कि बालू, पत्थर और अन्य खनिजों की अवैध ढुलाई और खनन पर पूरी तरह नियंत्रण लगाया जा सके.
जानकारी के मुताबिक खनन विभाग ने इसको लेकर प्रस्ताव तैयार कर लिया है. भर्ती प्रक्रिया बिहार पुलिस के जरिए कराई जाएगी, जबकि नियुक्ति के बाद ये सिपाही सीधे खनन विभाग के अधीन काम करेंगे. इस पूरी प्रक्रिया को जल्द शुरू करने की तैयारी चल रही है.
अवैध खनन रोकने के लिए बड़ा फैसला
राज्य में लंबे समय से अवैध बालू और पत्थर खनन बड़ी समस्या बना हुआ है. इसे रोकने के लिए सरकार लगातार सख्ती बरत रही है. अब खनन सिपाहियों की अलग से नियुक्ति कर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा.
सूत्रों के अनुसार इन सिपाहियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे खनन से जुड़े नियमों को बेहतर तरीके से समझ सकें और मौके पर तुरंत कार्रवाई कर सकें. इससे अवैध खनन करने वालों पर सीधे दबाव बनेगा.
15 कैडर में पद सृजन की योजना
खनन पदों के लिए अलग कैडर बनाने पर भी काम चल रहा है. इसके तहत विभिन्न स्तरों पर करीब 15 कैडर तैयार किए जाएंगे. इनमें अमीन, राजस्व लिपिक, प्रधान लिपिक, प्रयोगशाला कर्मी और अन्य तकनीकी पद शामिल होंगे.
इन पदों के जरिए खनन विभाग की पूरी संरचना को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है. खासतौर पर उन जिलों में इसका ज्यादा असर दिखेगा, जहां खनन का काम बड़े स्तर पर होता है.
इन जिलों में होगा ज्यादा फोकस
सरकार की योजना के अनुसार औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, गया, पटना, नालंदा और जमुई जैसे जिलों में खनन गतिविधियां ज्यादा होती हैं. ऐसे में इन जिलों में नई व्यवस्था का सीधा असर देखने को मिलेगा.
यहां तैनात सिपाहियों को अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बिना परमिट के खनन जैसे मामलों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी जाएगी.
नियुक्ति प्रक्रिया जल्द होगी शुरू
खनन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इसे मंजूरी मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. चयन के लिए आयोग के माध्यम से परीक्षा ली जाएगी.
सरकार का मानना है कि इस कदम से न सिर्फ अवैध खनन पर रोक लगेगी, बल्कि राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी.
गांवों की समस्या का भी होगा समाधान
अवैध खनन के कारण कई गांवों में सड़कें खराब हो जाती हैं और लोगों को परेशानी होती है. अब खनन क्षेत्रों में सख्ती बढ़ने से इन समस्याओं में भी कमी आने की उम्मीद है.
सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद खनन कार्य पूरी तरह नियमों के तहत होगा और स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी.
