Patna to New Delhi Sleeper Vande Bharat Train: दुर्गा पूजा से त्योहारों की शुरुआत हो जाएगी. इससे पहले रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर है. त्योहारों पर बिहार लौटने वाले लोग अभी से ही टिकट की बुकिंग करना शुरू कर दिए हैं. कई ट्रेनों में सीटें फुल हो गईं हैं. इतना ही नहीं, कई ट्रेनों में टिकट वेटिंग में चला जा रहा है.
क्या वाकई में पटना-दिल्ली के बीच चलेगी ट्रेन?
इस बीच सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई है कि दिवाली और छठ से पहले बिहार और दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाई जाएगी. लेकिन आधिकारिक तौर पर अब तक कुछ क्लियर नहीं हो पाया है. जानकारी के मुताबिक, भारतीय रेलवे की ओर से आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी गई है. इसके साथ ही टाइम और शेड्यूल भी अब तक तय नहीं किया गया है. इस तरह से पटना और दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के लिए इंतजार करना पड़ेगा.
16 कोच वाली होगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
जानकारी के मुताबिक, प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे. इनमें 11 एसी थ्री टियर कोच में 611 सीटें, 4 एसी टू टियर कोच में 188 सीटें और 1 एसी फर्स्ट क्लास कोच में 24 सीटें होंगी. इस तरह से पूरी ट्रेन में टोटल 827 यात्रियों के बैठने और सफर करने की व्यवस्था रहेगी.
पटना-दिल्ली रूट पर अभी राजधानी एक्सप्रेस, तेजस राजधानी, हमसफर एक्सप्रेस और गरीब रथ जैसी प्रीमियम ट्रेनें चल रही हैं. इन ट्रेनों को दिल्ली पहुंचने में 12 से 14 घंटे तक का समय लगता है. नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कम समय, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर सफर के कारण इन ट्रेनों को कड़ी चुनौती दे सकती है.
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में मिलेंगी ये सुविधाएं
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के डिजाइन की बात करें तो, इसका इंटीरियर फ्लाइट और होटल जैसी सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. ट्रेन में यूएसबी चार्जिंग के साथ रीडिंग लैंप, रियल टाइम पैसेंजर इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले, हाई स्पीड फ्री वाई-फाई, इन्फोटेनमेंट स्क्रीन, मॉड्यूलर पैंट्री, टच-फ्री बायो वैक्यूम टॉयलेट, एसी फर्स्ट क्लास में गर्म पानी का शावर, ऊपरी बर्थ के लिए सुरक्षित सीढ़ियां और दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ की सुविधा मिलेगी.
यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रेन में कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम, इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट, ऑटोमैटिक प्लग डोर और हर कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इससे सफर पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक होगा. इस तरह से ट्रेन में यात्रियों के लिए हाईटेक सुविधाएं होंगी.
