Patna Metro: पटना मेट्रो के कॉरिडोर-2 का विस्तार अब भूतनाथ से आगे मलाही पकड़ी तक होने जा रहा है. 2.75 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड ट्रैक का काम लगभग पूरा हो चुका है और ट्रायल भी सफल रहा है. दो महत्वपूर्ण जांच अभी बाकी हैं.
सेफ्टी सर्टिफिकेट्स के इंतजार में थोड़ा समय लग रहा है, अप्रैल के अंत तक पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से मलाही पकड़ी के बीच मेट्रो की रफ्तार दिखने लगेगी. इसको अलग तरीके लिखे
खेमनीचक स्टेशन पर अभी क्यों नहीं रुकेगी ट्रेन?
भले ही मेट्रो पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से मलाही पकड़ी तक चलेगी, लेकिन खेमनीचक स्टेशन पर यात्रियों को थोड़ा निराश होना पड़ सकता है. दरअसल, खेमनीचक को एक बड़े ‘एक्सचेंज स्टेशन’ (जंक्शन) के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां दो अलग-अलग कॉरिडोर आपस में मिलेंगे.
इस जटिल निर्माण कार्य के चलते फिलहाल यहां ट्रेनों का ठहराव नहीं होगा. मेट्रो सीधे भूतनाथ से मलाही पकड़ी के लिए निकल जाएगी, जिससे इस रूट पर यात्रा का समय और भी कम हो जाएगा.
ट्रायल में पास, अब बस इन ‘दो टेस्ट’ का है इंतजार
मेट्रो के इस नए खंड पर ट्रायल रन पूरी तरह सफल रहा है, लेकिन आधिकारिक शुरुआत से पहले दो बड़े ‘सेफ्टी बैरियर’ पार करने बाकी हैं. वर्तमान में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) और फायर विभाग की जांच अटकी हुई है. इन दोनों विभागों से ग्रीन सिग्नल मिलते ही मेट्रो का लोकार्पण कर दिया जाएगा.
अधिकारियों का मानना है कि सेफ्टी सर्टिफिकेट मिलने में कुछ ही दिनों का समय शेष है, जिसके बाद अप्रैल का महीना पटना के ट्रांसपोर्ट इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा.
अंडरग्राउंड टनल और दानापुर लाइन पर भी तेज हुई रफ्तार
केवल एलिवेटेड ही नहीं, बल्कि पटना के सीने के नीचे टनल खुदाई का काम भी अंतिम चरण में है. मोइनुल हक स्टेडियम से पटना जंक्शन तक की 6 किमी लंबी टनल का लक्ष्य अप्रैल तक रखा गया है.
दानापुर से पाटलिपुत्र स्टेशन के बीच भी काम युद्ध स्तर पर चल रहा है. करीब 13,365 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना पटना की ट्रैफिक व्यवस्था को हमेशा के लिए बदलने वाली है.
राजधानी में मेट्रो का बढ़ता जाल न केवल सफर को आसान बनाएगा, बल्कि पटना को एक आधुनिक ग्लोबल सिटी की कतार में खड़ा कर देगा.
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