Patna Metro: पटना मेट्रो का सपना अब तेजी से हकीकत की ओर बढ़ रहा है. शुक्रवार को केंद्र सरकार के इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर जनरल जगदीश कुमार ने इस पूरे सेक्शन का दौरा किया. उनके साथ पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ बिजली अधिकारी भी मौजूद थे.
इस जांच में मेट्रो की बिजली सप्लाई व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित और नियमों के अनुसार सही पाया गया, जो मेट्रो चलाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है.
बिजली व्यवस्था की कसौटी पर खरा उतरा मेट्रो सिस्टम
मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन पर बने सब-स्टेशन की खास तौर पर जांच की गई. साथ ही खेमनीचक से मलाही पकड़ी तक ओवरहेड तारों यानी ओएचई की भी बारीकी से टेस्टिंग हुई. इस दौरान स्टेशन, पटरी और सिग्नल से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को चेक किया गया.
रिले की जांच की गई, इंटरलॉकिंग सिस्टम को परखा गया, अर्थिंग की सही क्षमता मापी गई और जरूरी सरकारी मंजूरियों का वेरिफिकेशन किया गया. अधिकारियों के अनुसार सभी पैरामीटर सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरे उतरे हैं. इससे यह साफ हो गया है कि पटना मेट्रो का यह खंड अब तकनीकी रूप से परिचालन के काफी करीब पहुंच चुका है.
प्रायोरिटी कॉरिडोर पर फोकस, दो नए स्टेशन तैयार
पटना मेट्रो का पूरा ध्यान इस समय प्रायोरिटी कॉरिडोर पर है. इस कॉरिडोर में कुल पांच एलिवेटेड स्टेशन हैं. इनमें से न्यू आईएसबीटी, जीरो माइल और भूतनाथ स्टेशन की शुरुआत पहले ही हो चुकी है. अब खेमनीचक और मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन को चालू करने की तैयारी है.
इन दोनों स्टेशनों पर सिविल वर्क पूरा हो चुका है. वर्तमान में एस्केलेटर लगाने, फर्श की फिनिशिंग और इलेक्ट्रिकल वायरिंग का काम अंतिम चरण में है. निरीक्षण सफल होने के बाद अब यहां से मेट्रो के ट्रायल रन का रास्ता साफ होता दिख रहा है.
फरवरी में शुरू हो सकता है परिचालन
अधिकारियों के मुताबिक मलाही पकड़ी से बैरिया बस स्टैंड तक मेट्रो का परिचालन फरवरी में शुरू किए जाने की योजना है. मुख्य निरीक्षक की जांच के बाद अगला और सबसे अहम चरण रेल सुरक्षा आयुक्त की फाइनल जांच होगी. इस दौरान पटरियों की मजबूती, सिग्नल सिस्टम और बिजली आपूर्ति की अंतिम स्तर पर समीक्षा की जाएगी. इसके बाद ही मेट्रो को व्यावसायिक परिचालन की अनुमति मिलेगी.
अंडरग्राउंड और डिपो सेक्शन में भी तेज रफ्तार
एलिवेटेड रूट के साथ-साथ पटना मेट्रो के भूमिगत हिस्से में भी काम तेजी से चल रहा है. पटना जंक्शन से गांधी मैदान और मोइनुल हक स्टेडियम तक टनल बोरिंग मशीनें सुरंग निर्माण में लगी हैं. पटना जंक्शन के पास अंडरग्राउंड स्टेशन का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसके अलावा बाइपास और सगुना मोड़ इलाके में एलिवेटेड मेट्रो लाइन के लिए स्ट्रक्चर तैयार किया जा चुका है.
पटना के ट्रैफिक को मिलेगी बड़ी राहत
खेमनीचक से मलाही पकड़ी सेक्शन का सफल निरीक्षण सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पटना के भविष्य के ट्रैफिक सिस्टम की नींव को मजबूत करने वाला कदम है. मेट्रो के शुरू होते ही लोगों को जाम, प्रदूषण और समय की बर्बादी से राहत मिलेगी.
अब सबकी निगाहें ट्रायल रन और रेल सुरक्षा आयुक्त की अंतिम मंजूरी पर टिकी हैं, क्योंकि इसके बाद पटना मेट्रो का इंतजार लगभग खत्म हो जाएगा.
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