औरंगाबाद से पटना के नौबतपुर तक सड़क होगी फोरलेन, इन जगहों पर बनेंगे बाइपास, ट्रैफिक होगा कम

Patna Aurangabad Four Lane: पटना के नौबतपुर से औरंगाबाद तक NH-139 को फोरलेन बनाने का काम तेज हो गया है. इस योजना के तहत अरवल, दाउदनगर, ओबरा और औरंगाबाद में चार नए फोरलेन बाइपास बनेंगे, जो सीधे भारतमाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे. इससे वाहनों को शहरों के जाम से मुक्ति मिलेगी.

Patna Aurangabad Four Lane: पटना और औरंगाबाद के बीच NH-139 को फोरलेन में बदलने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के निर्देश पर नई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है. नौबतपुर से अरवल तक का मुख्य रास्ता पूरी तरह फोरलेन होगा, जबकि अरवल से लेकर औरंगाबाद के महाराजगंज के बीच ट्रैफिक को स्मूथ बनाने के लिए चार बड़े फोरलेन बाइपास बनाए जाएंगे. इन बाइपासों के बनने से गाड़ियों को जाम में नहीं फंसना पड़ेगा.

अरवल, दाउदनगर, ओबरा और औरंगाबाद में बनेंगे फोरलेन बाइपास

इस पूरी योजना के तहत अरवल, दाउदनगर, ओबरा और औरंगाबाद में फोरलेन बाइपास का निर्माण किया जाना है. इनमें से दाउदनगर में करीब 8.3 किलोमीटर लंबे फोरलेन बाइपास को सरकार पहले ही मंजूरी दे चुकी है. इसके साथ ही ओबरा में लगभग 7 किलोमीटर लंबा और औरंगाबाद में करीब 28 किलोमीटर लंबा फोरलेन बाइपास बनाने के लिए नया डीपीआर तैयार किया जा रहा है.

यह औरंगाबाद बाइपास भरथौली नहर के पहले से शुरू होकर शहर के पश्चिमी हिस्से और रिसियप के पश्चिम से निकलते हुए सीधे अंबा के आगे भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जाकर जुड़ जाएगा. इसका बड़ा फायदा यह होगा कि लंबी दूरी की गाड़ियों को औरंगाबाद, रिसियप या अंबा शहर के भीतर जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.

भारतमाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेंगी सड़कें

रोड मैप के अनुसार, धनीबार गांव से पोला गांव तक की सड़क को भी फोरलेन किया जाएगा. पोला से हरिहरगंज तक का फोरलेन बाइपास पहले से ही बन रहा है, इसलिए एक्सप्रेसवे से आने वाली गाड़ियां धनीबार के पास उतरकर सीधे पोला पहुंचेंगी. वहां से लोग हरिहरगंज बाइपास के रास्ते डालटेनगंज और गढ़वा की तरफ बेहद आसानी से जा सकेंगे. एनएच के कार्यपालक अभियंता तुलसी प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि जिन इलाकों में नया फोरलेन बाइपास बनेगा, वहां के पुराने रास्तों को फोरलेन नहीं किया जाएगा.

बाइपास का निर्माण पूरा होने के बाद उन पुराने शहरी मार्गों को राज्य सरकार के पथ निर्माण विभाग को सौंप दिया जाएगा. इस प्रोजेक्ट में सिर्फ बाइपासों के बीच बचने वाली मुख्य सड़क को ही फोरलेन के रूप में ढाला जाएगा, क्योंकि नौबतपुर से पटना तक का हिस्सा पहले ही फोरलेन बन चुका है.

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अधिकारियों की संयुक्त टीम ने किया जमीनी निरीक्षण

इस मेगा प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए शुक्रवार को एनएचएआइ की कंसल्टेंसी एजेंसी मोर्थ (MoRTH) और एनएच विभाग की एक संयुक्त टीम ने औरंगाबाद और ओबरा के प्रस्तावित बाइपास इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान अधिकारियों को सड़क के रूट, जमीन के अलाइनमेंट और डीपीआर से जुड़े जरूरी बिंदुओं की विस्तृत जानकारी दी गई.

अधिकारियों का मानना है कि औरंगाबाद बाइपास के भारतमाला परियोजना से जुड़ जाने के बाद पटना, औरंगाबाद, पलामू और भारतमाला एक्सप्रेसवे के बीच का सफर पहले के मुकाबले काफी तेज, सुरक्षित और सुगम हो जाएगा.

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लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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