Patliputra Greenfield Satellite Township: पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप को लेकर काम में तेजी ला दी गई है. यह सिर्फ नए आवासीय क्षेत्र के रूप में नहीं बल्कि आर्थिक गतिविधियों के नए सेंटर के रूप में डेवलप हो सकेगा. सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग की तरफ से प्लान तैयार किया जाएगा.
बिहार सरकार के मास्टर प्लान में तय क्या होगा?
जानकारी के मुताबिक, टाउनशिप में आने वाले सालों में किस तरह की आर्थिक गतिविधियां विकसित की जाएं, कारोबार और निवेश के लिए कैसा माहौल तैयार किया जाए और बढ़ती आबादी के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर कैसे पैदा हों, इन सभी चीजों को मास्टर प्लान में शामिल किया जा सकता है.
इस तरह से टाउनशिप की आर्थिक क्षमता को लेकर स्टडी किया जाएगा और अलग-अलग इलाकों में संभावित व्यावसायिक गतिविधियों, निवेश की संभावनाओं और रोजगार सृजन का आकलन किया जाएगा. इसके बाद भविष्य की जरूरतों के हिसाब से यह तय करने में मदद मिलेगी कि किन गतिविधियों के लिए कहां जगह और किस तरह की सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए.
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आबादी बढ़ेगी तो कारोबार भी बढ़ेगा
बिहार सरकार की ओर से मास्टर प्लान बनाते समय आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी ध्यान में रखा जाएगा. इसका मतलब है कि जैसे-जैसे टाउनशिप की आबादी बढ़ेगी, उसी के अनुरूप बाजार, कारोबार और दूसरी आर्थिक गतिविधियों के लिए जरूरी प्रावधान किए जा सकेंगे. इस तरह से सरकार की प्लानिंग नई टाउनशिप में घरों की संख्या बढ़ने के साथ सिर्फ आवासीय विस्तार न हो, बल्कि उसके साथ व्यापार और रोजगार का भी संतुलित विकास हो, इसके लिए भी की जाएगी.
कब तक मांगे गए प्रस्ताव?
जानकारी के मुताबिक, इस योजना को जमीन पर उतारने की दिशा में विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है. आर्थिक मास्टर प्लान तैयार करने के लिए विशेषज्ञ एजेंसी का चयन किया जाएगा. इसके लिए 28 सितंबर तक प्रस्ताव मांगे गए हैं. चयनित एजेंसी टाउनशिप की आर्थिक संभावनाओं का अध्ययन करेगी और भविष्य की आर्थिक गतिविधियों, निवेश और रोजगार से जुड़े पहलुओं को शामिल करते हुए मास्टर प्लान तैयार करेगी.
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