उ. बिहार से सर्वाधिक पलायन लेकिन यहां औद्योगिक विकास की संभावनाएं है अधिक, इस मामले में मुजफ्फरपुर है टॉप

बिहार में पलायन सबसे बड़ी समस्या है. ये कई सालों से बिहार के लिए समस्या बनी हुई है. उत्तर बिहार से सबसे ज्यादा पलायन होता है. लेकिन यहां औद्योगिक विकास की संभावनाएं अधिक है. वहीं, दक्षिण बिहार में केव��� 22% ही औद्योगिक लैंड बैंक है.

पटना. बिहार में औद्योगिक निवेश योग्य कुल भूमि का केवल 22 फीसदी दक्षिण बिहार में है. उत्तर बिहार में सर्वाधिक औद्योगिक लैंड बैंक हैं. साफ है कि उत्तर बिहार ,जहां से रोजी-रोटी के लिए सर्वाधिक पलायन होता है, वहां औद्योगिक विकास की संभावनाएं अधिक मजबूत हो रही हैं. संयोग है कि वहां औद्योगिक विकास के लिए पानी,जमीन और कुशल श्रम मौजूद हैं.

कुल 15 जिले हैं औद्योगिक लैंड बैंक वाले

बिहार में अब तक सर्वाधिक औद्योगिक लैंड बैंक वाले कुल 15 जिले हैं. सर्वाधिक लैंड बैंक वाले बिहार के कुल 15 जिलों में पांच दक्षिण बिहार में और शेष उत्तर बिहार में हैं. दक्षिण बिहार के पांच जिलों में कुल तीन हजार एकड़ के लैंड बैंक में से करीब 22 फीसदी (652 एकड़ ) जमीन बक्सर, पटना, रोहतास, गया और गोपालगंज जिले में हैं. इसमें भी अकेले बक्सर के नवानगर औद्योगिक क्षेत्र में 433.38 एकड़ जमीन है. इस तरह दक्षिण बिहार में औद्योगिक विकास के कम अवसर हैं.

मुजफ्फरपुर 750 एकड़ जमीन उपलब्ध

दक्षिण बिहार में भी समान रूप से भूमि उपलब्ध नहीं है. उत्तर बिहार के अकेले मुजफ्फरपुर जिले में के पांच औद्योगिक क्षेत्रों में 750 एकड़ जमीन उपलब्ध है. फिलहाल प्रदेश के 38 जिलों में से वर्तमान में रिक्त औद्योगिक लैंड बैक वाले जिलों की संख्या केवल 15 है. हालांकि, शेष जिलों में औद्योगिक उपयोग के लिए लैंड बैंक बनाने के निर्देश दिये गये हैं. विभागीय अफसर इसमें पूरी ताकत लगाये हुए हैं. इन जिलों में लैंड बैंक बनने से औद्योगिक विकास की संभावनाएं प्रबल होंगी.

उत्तर बिहार में औद्योगिक संभावनाएं

  • चीनी मिलों की अधिकतर जमीनें

  • बाढ़ की वजह से अधिकतर जमीनें रिक्त

  • पलायन की वजह से खेती का विस्तार भी कम

  • अभी तक का औद्योगिक विकास रहा कमजोर

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