Nepal Lake Outbrust: गंडक में बढ़ा पानी, नेपाल में टूटा झील का बांधनुमा हिस्सा, बराज से छोड़ा गया इतना पानी

Nepal Lake Outbrust: नेपाल में झील के पास बना बांधनुमा अवरोध टूटने के बाद बिहार में फ्लैश फ्लड की चिंता बढ़ गई है. अतिरिक्त पानी गंडक नदी के जरिए बिहार पहुंच सकता है. वाल्मीकिनगर बराज से पानी का डिस्चार्ज भी बढ़ा है. गंडक, गंगा और कोसी के जलस्तर पर अधिकारी लगातार नजर रख रहे हैं.

Nepal Lake Outbrust: नेपाल में एक बार फिर झील में बना बांधनुमा अवरोध टूटने से फ्लैश फ्लड की आशंका ने बिहार की चिंता बढ़ा दी है. नेपाल से आने वाला अतिरिक्त पानी गंडक नदी के रास्ते बिहार पहुंच सकता है. इसे देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है. नेपाल में लगातार बारिश और जलप्रवाह की स्थिति पर नजर रखी जा रही है. हालांकि विभाग की तरफ से खतरे की आशंका से इनकार कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की गयी है.

लगातार उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया

वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 29 अगस्त को पानी के डिस्चार्ज में लगातार उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया. रात 12 बजे 90600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो सुबह 2 बजे घटकर 88300 क्यूसेक हो गया. इसके बाद चार बजे 90600, 6 बजे 95200, 8 बजे 99800 और 10 बजे बढ़कर 102100 क्यूसेक पहुंच गया. दोपहर 12 बजे भी डिस्चार्ज 102100 क्यूसेक रहा. इसके बाद 2 बजे यह घटकर 99800 क्यूसेक हो गया. शाम 4 और 6 बजे भी 99800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. अधिकारियों के अनुसार फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

मुख्य नदियों का जलस्तर

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार गोपालगंज के डुमरिया घाट में गंडक का जलस्तर 62.55 मीटर रहा, जो 62.22 मीटर के खतरे के निशान से 0.33 मीटर ऊपर है. यहां जलस्तर बढ़ने का ट्रेंड है.

गंगा में भी कई स्थानों पर जलस्तर खतरे के निशान के आसपास या ऊपर है. पटना के गांधी घाट में जलस्तर 49.04 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 48.60 मीटर से 0.44 मीटर ऊपर है. हाथीदह में 42.36 मीटर जलस्तर खतरे के निशान से 0.60 मीटर ऊपर और कहलगांव में 31.87 मीटर जलस्तर 0.78 मीटर ऊपर है. बक्सर में 58.71 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया, हालांकि खतरे के निशान से नीचे है.

कोसी नदी में बलतारा में जलस्तर 34.48 मीटर और कुर्सेला में 30.60 मीटर दर्ज किया गया. दोनों जगह पानी खतरे के निशान से ऊपर है, लेकिन गिरावट का ट्रेंड है.

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क्या बोले मंत्री

जलसंसाधन विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में बताया है कि अर्ली वार्निंग सिस्टम के माध्यम से स्थिति पर नजर रखी जा रही है. नेपाल में झील में बनी बांधनुमा संरचना के टूटने से पानी की तीव्रता पहले के फ्लैश फ्लड के मुकाबले कम रहने की संभावना है. हालांकि विभाग की तरफ से किसी भी खतरे से निपटने की पूरी तैयारी की गयी है.


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लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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