बिहार की लोक गायिका नेहा सिंह राठौर का बिहार विधानसभा चुनाव के समय व्यंग्य गीत ‘बिहार में का बा’ काफी सुर्खियों में था. एक बार फिर उन्होंने अग्निपथ योजना पर निशाना साधते हुए एक व्यंग्य गीत गाया है. अग्निपथ योजना को लेकर बिहार सहित पूरे देश में बहुत बवाल हुआ था. कई जगहों पर प्रदर्शन हुआ था. कई ट्रेनों को जला दिया गया था और साथ ही सरकारी संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचाया गया था.
नेहा सिंह राठौर के गाने के बोल
नेहा सिंह राठौर ने अपने व्यंग्य गीत में गाया है- घामा के घमाईल देहहिया भईल जा ता करिया…. भरती निकालीं साहेब बीतल जा त उमरिया…. हाई जंप- लौंग जंप कूदनी भोरहरिया.. हम तो गोला फेंकत बानी लहकल जेठ के दुपहरिया… भरती निकालीं साहेब…. का हो बबुआ ज्वाइन कहिया करबअ कल्कटरिया.. ताना मारे गांवअ जबरिया जब निकलअ लीं बहरिया… भरती निकालीं साहेब बीतल जा त उमरिया… ए गो तिल कहरू न सटे हमरे बिरिय… मन करे भाग जइतीं… बाम्बे दिल्ली चाहे झरिया… भरती निकालीं .. चाहीं परमानेंट न चाहीं चार साल वाला नौकरिया… हम सेना होईं साहेब अग्निवीर के बेगरिया… भरती निकालीं साहेब बीतल जा त उमरिया… नौकरिया चाहीं सरकरिया…. भरती निकालीं साहेब…
अग्निपथ योजना पर एक नया व्यंग्य गीत
नेहा सिंह राठोर यूपी और बिहार में चुनाव के वक्त अपनी गीतों की वजह से चर्चा में आई थी. उनका गीत “बिहार में का वा” और “यूपी में का वा” काफी चर्चित हुआ था. अब नेहा ने केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना पर एक नया व्यंग्य गीत गाया है. नेहा की खासियत यह है कि लोक भाषा के शब्दों के साथ वह अपने गीतों को धार देती हैं. उसमें लय लाने के लिए तुक भी बैठाती हैं.
एक मिलियन से ज्यादा फॉलोवर्स
नेहा बिना किसी साज बाज के अपने गीत गाती हैं. उनके सोशल मीडिया पर मिलियन से ज्यादा फॉलोवर्स हैं जो उन्हें सुनते हैं. वह कहती रही हैं की वह सत्ता दल की दलाली नहीं करते हैं. वह एक अच्छे विपक्ष की तरह से जनता की आवाज उठाती हैं. नेहा ने अपने इस नए व्यंग्य गीत में सेना की तैयारी करने वाले युवाओं का दर्द दिखाने की कोशिश की है.
