NEET UG Muzaffarpur Connection: लखीसराय में आयोजित नीट यूजी-2026 की दोबारा परीक्षा में पकड़े गए सॉल्वर गैंग की जांच अब मुजफ्फरपुर तक पहुंच गई है. पुलिस कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपितों में मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र के हरचंदा गांव निवासी विवेक कुमार और सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर स्थित श्रमजीवी नगर निवासी अर्पित सिंह का नाम सामने आया है. दोनों गया के मगध मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस चौथे वर्ष के छात्र हैं. गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस ने दोनों के घरों पर पहुंचकर परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है.
कांटी और भगवानपुर में पहुंची पुलिस
सोमवार को कांटी और सदर थाना की टीम आरोपितों के घर पहुंची. हरचंदा गांव में पुलिस को विवेक कुमार का घर बंद मिला. इसके बाद पुलिस ने गांव के लोगों और रिश्तेदारों से जानकारी जुटाई.
ग्रामीणों ने बताया कि विवेक के पिता योगेंद्र चौधरी सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबल हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश के अमेठी में तैनात हैं. बताया गया कि वह पिछले तीन महीने से गांव नहीं आए हैं. होली के दौरान परिवार के साथ गांव आए थे. पुलिस अब विवेक और उसके संपर्कों की पड़ताल कर रही है.
इंटर की पढ़ाई को लेकर भी उठे सवाल
जांच के दौरान विवेक कुमार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि को लेकर भी कई सवाल सामने आए हैं. ग्रामीणों के अनुसार उसने पानापुर स्थित बालाजी इंटर कॉलेज से पढ़ाई की थी. स्थानीय लोगों का दावा है कि कॉलेज में मुख्य रूप से कला संकाय की पढ़ाई होती है, जबकि विवेक ने दूसरे संस्थान की मदद से आईएससी की परीक्षा दी थी.
वर्ष 2022 में मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास कर उसने मगध मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया था. गांव के लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के बाद उसने अपना मोबाइल नंबर बदल लिया था और गांव आने पर भी बहुत कम लोगों से संपर्क रखता था.
नालंदा से खुला था पूरे नेटवर्क का राज
सॉल्वर गैंग के नेटवर्क का पहला बड़ा खुलासा पिछले महीने नालंदा जिले में हुआ था. पावापुरी थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान पुलिस ने तीन संदिग्धों को पकड़ा था. जांच में सामने आया कि गिरोह कथित तौर पर 50 से 60 लाख रुपये लेकर नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं पास कराने का ठेका लेता था.
पूछताछ के बाद कई अन्य लोगों के नाम सामने आए. पुलिस ने आरोपितों के पास से नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के एडमिट कार्ड की प्रतियां, मोबाइल फोन, चारपहिया वाहन और करीब 2.95 लाख रुपये नकद बरामद किए थे.
उत्तर बिहार के कई जिलों तक फैला नेटवर्क
नालंदा मामले में दर्ज एफआईआर में मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और पूर्वी चंपारण समेत उत्तर बिहार के कई जिलों के युवकों को नामजद किया गया था. इनमें सिवाईपट्टी, कथैया, अहियापुर, बोचहां और हथौड़ी थाना क्षेत्रों के युवकों के नाम भी शामिल थे.
पुलिस ने इस मामले में हर्ष राज, मनोज कुमार, गौरव कुमार, सुभाष कुमार, अवधेश कुमार, अमन कुमार सिंह और पंकज कुमार साह समेत सात आरोपितों को गिरफ्तार किया था. हालांकि गिरोह का कथित मास्टरमाइंड उज्ज्वल कुमार उर्फ राजा बाबू अब भी फरार बताया जा रहा है.
मेडिकल संस्थानों तक फैले नेटवर्क की आशंका
लखीसराय में हुई ताजा गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को आशंका है कि सॉल्वर गैंग का नेटवर्क केवल अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि मेडिकल और तकनीकी संस्थानों तक भी फैला हो सकता है. पुलिस अब गिरफ्तार छात्रों के मोबाइल, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और संपर्क सूत्रों की गहन जांच कर रही है.
मुजफ्फरपुर से प्रेमांशु शेखर की रिपोर्ट
