NEET री एग्जाम फर्जीवाड़े की जांच के लिए SIT गठित, DIG समेत 12 अफसर करेंगे जांच, 8 राज्यों तक फैला नेटवर्क

NEET Re-Exam Fraud: 21 जून को हुई नीट की परीक्षा में फर्जीवाड़े की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है. इस टीम में डीआईजी समेत कुल 12 अफसर शामिल हैं. जांच के दौरान यह सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क 8 राज्यों तक फैला हुआ है.

NEET Re-Exam Fraud: NEET UG री-एग्जाम में हुए फर्जीवाड़े की जांच को लेकर कड़ा फैसला लिया गया है. आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने पूरे मामले की तह तक जाने के लिए 12 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है. इस टीम की कमान EOU के DIG मानवजीत सिंह ढिल्लों को सौंपी गई है. टीम में एक SP, पांच DSP और पांच इंस्पेक्टर भी शामिल हैं.

SIT ने NTA से मांगी अभ्यर्थियों की डिटेल

जांच की शुरुआत करते हुए SIT ने परीक्षा आयोजित कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से अभ्यर्थियों के रोल नंबर के आधार पर उनके पते और अन्य जरूरी जानकारी मांगी है. इसके बाद उन उम्मीदवारों को नोटिस भेजे जाएंगे, जिनकी जगह दूसरे लोगों के परीक्षा देने का आरोप है.

बताया जा रहा है कि पूछताछ के लिए एसआईटी की टीम उन अभ्यर्थियों को नोटिस भेजेगी, जिन पर फर्जीवाड़े का आरोप लगा. ऐसे में एसआईटी की ओर से बुलाए जाने के बावजूद अगर कोई सामने नहीं आता, तो जांच टीम सीधे उसके घर पहुंचेगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी. माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से फर्जीवाड़े में शामिल पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है.

सॉल्वर गैंग ने 200 फर्जी अभ्यर्थियों को बुलाया

सूत्रों के मुताबिक, सॉल्वर गैंग ने बिहार में करीब 200 फर्जी परीक्षार्थियों को बुलाया था. इनमें 21 जून को लखीसराय के तीन परीक्षा केंद्रों से 9 सॉल्वर और एक अभ्यर्थी पकड़े गए थे. हाजीपुर से एक जबकि मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले 12 छात्र पकड़े गए हैं. अब तक इस मामले में 30 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और पुलिस यह पता लगा रही है कि बाकी के बचे में से कितनों ने असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दी.

जांच में जुटी है जांच एजेंसियां

जांच एजेंसियां अब 35 शहरों के 331 परीक्षा केंद्रों की CCTV फुटेज और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड खंगाल रही हैं. साथ ही ठेका कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है. सूत्रों का दावा है कि 3 मई को हुई मूल NEET UG परीक्षा में भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा हुआ था, जिसकी जांच अब तेज कर दी गई है.

इन 8 राज्यों में फैला है नेटवर्क

इस पूरे मामले में जांच के बाद यह भी बताया जा रहा है कि सॉल्वर गैंग का नेटवर्क बिहार समेत 8 राज्यों तक फैला था. इनमें बिहार के अलावा दिल्ली, यूपी, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और राजस्थान शामिल है. पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह पिछले तीन साल से मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में फर्जी अभ्यर्थियों को बैठाकर परीक्षा में धांधली करा रहा था.

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Published by: Preeti Dayal

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