नवादा के धमौल बाजार में जलजमाव से लोगों की बढ़ी परेशानी, अस्पताल और आंगनबाड़ी तक पहुंचना हुआ मुश्किल

Nawada News : धमौल बाजार में जलजमाव की समस्या ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. हल्की बारिश में भी सड़क तालाब बन जाती है, जिससे अस्पताल, आंगनबाड़ी केंद्र और मंदिर तक पहुंचना दूभर हो गया है. ग्रामीण प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं.

Nawada News : पकरीबरावां प्रखंड के धमौल बाजार स्थित धमौल-श्यामदेव गांव जाने वाली मुख्य सड़क पर दुर्गा मंदिर के समीप जलजमाव की समस्या लोगों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनी हुई है. हल्की बारिश होते ही सड़क पर पानी भर जाता है और पूरा मार्ग तालाब जैसा दिखाई देने लगता है. इसका सबसे अधिक असर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) जाने वाले मरीजों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों, उनके अभिभावकों तथा मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं पर पड़ रहा है.

बरसात में अस्पताल पहुंचना बन जाता है चुनौती

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होते ही इस सड़क पर आवाजाही जोखिम भरी हो जाती है. सड़क पर जमा गंदे पानी के कारण मरीजों और बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचने के लिए घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ता है. कई बार गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी काफी कठिनाई होती है. वहीं स्वास्थ्यकर्मियों को भी प्रतिदिन इसी रास्ते से आना-जाना पड़ता है, जिससे उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

आंगनबाड़ी के बच्चों और अभिभावकों की बढ़ी मुश्किलें

आंगनबाड़ी केंद्र में आने वाले छोटे बच्चों और उनके अभिभावकों को भी रोजाना जलजमाव वाले रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है. अभिभावकों का कहना है कि गंदे पानी के बीच बच्चों को लेकर आना-जाना उनकी मजबूरी बन गई है. कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे चोट लगने का खतरा बना रहता है. बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है.

वाहन चालकों के लिए भी बना हादसों का खतरा

धमौल चौक से श्यामदेव स्थान जाने वाले इस मार्ग पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही काफी रहती है. सड़क पर बने गड्ढे पानी में डूब जाने से वाहन चालकों को उनका अंदाजा नहीं लग पाता. इससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बाइक चालक यहां संतुलन खोकर गिर चुके हैं. रात के समय यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है, क्योंकि पानी में सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती.

जाम नालियां और अतिक्रमण बने जलजमाव का कारण

ग्रामीणों के अनुसार जलजमाव की मुख्य वजह नालियों का जाम होना, उनमें गाद और कचरा भर जाना तथा कई स्थानों पर नालों पर किए गए अतिक्रमण हैं. कुछ जगहों पर स्थायी निर्माण होने से वर्षा का पानी आगे नहीं बढ़ पाता और सड़क पर जमा हो जाता है. इसका असर दुर्गा मंदिर परिसर तक पहुंच रहा है, जिससे धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं.

स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नालियों की तत्काल सफाई, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत, नालों से अतिक्रमण हटाने और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाएगी.

जांच के बाद होगी कार्रवाई : बीडीओ

इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए कनीय अभियंता को निर्देश दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पहले यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित नाले का निर्माण किस विभाग और किस योजना के तहत कराया गया था, ताकि क्षतिग्रस्त नाले की मरम्मत कराई जा सके. साथ ही नालों पर किए गए अतिक्रमण की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त कर लोगों को इस समस्या से स्थायी राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा.

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लेखक के बारे में

Author: Vishwanath Kumar

Published by: Yuvraj Ratan

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