Nawada News : प्रखंड क्षेत्र में लगातार गिरते जलस्तर के कारण पेयजल संकट गहराने लगा है. भू-जल स्तर नीचे चले जाने से कई जगहों पर बोरिंग फेल हो गई है, जिसके कारण नल जल योजना के पंप बंद हो गए हैं. इससे ग्रामीणों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. प्रखंड के भट्टा, विरनामा, बेलड, झोटा, दौलाचक और रेबरा गांवों में जलस्तर काफी नीचे जाने के कारण नल जल योजना प्रभावित हुई है. इन गांवों में पंप बंद होने से लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बंद पड़े नलकूपों को चालू करने का प्रयास जारी
इस संबंध में पीएचईडी के कनीय अभियंता अश्विनी कुमार ने बताया कि बंद पड़े नलकूपों को चालू करने के लिए मिस्त्रियों को लगाया गया है. हालांकि, जलस्तर काफी नीचे चले जाने के कारण बोरिंग को चालू करने में तकनीकी समस्या आ रही है. उन्होंने बताया कि समस्या के समाधान के लिए वरीय अधिकारियों से बातचीत की जा रही है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल की जा सके.
खेती के लिए अत्यधिक पंपिंग से भी बढ़ी समस्या
कनीय अभियंता ने बताया कि लगातार गिरते जलस्तर के साथ-साथ खेती के लिए दिन-रात पंपिंग सेट चलने के कारण भी भू-जल स्तर प्रभावित हो रहा है. इससे नल जल योजना की बोरिंग पर भी असर पड़ रहा है. उन्होंने ग्रामीणों से पानी का जरूरत के अनुसार उपयोग करने की अपील की है. प्रशासन और विभाग की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.
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