बीटेक छात्र की संदिग्ध मौत पर भारी बवाल: शव को सड़क पर रख प्रजातंत्र चौक किया जाम

बीटेक छात्र धर्मराज उर्फ बिशु की संदिग्ध मौत को लेकर गुरुवार को नवादा शहर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने छात्र का शव नवादा शहर के व्यस्ततम प्रजातंत्र चौक के समीप बीच सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया.

Nawada News : (बब्लू कुमार) गोविंदपुर के अमझर कुंड में डूबे बीटेक छात्र धर्मराज उर्फ बिशु की संदिग्ध मौत को लेकर गुरुवार को नवादा शहर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने छात्र का शव नवादा शहर के व्यस्ततम प्रजातंत्र चौक के समीप बीच सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया. सड़क जाम होते ही शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई और चारों ओर वाहनों की किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं. प्रदर्शनकारी पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे.

परिजनों ने दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाया

मृतक धर्मराज के परिजनों ने इस घटना को लेकर सनसनीखेज खुलासे किए हैं. परिजनों का साफ तौर पर आरोप है कि धर्मराज की मौत कोई हादसा या डूबने की सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह एक सोची-समझी और सुनियोजित हत्या है. उनका आरोप है कि धर्मराज के साथ गए उसके दो दोस्तों ने किसी गहरी साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी और अब मामले को रफा-दफा करने के लिए इसे पानी में डूबने का रूप दे रहे हैं.

पुलिस पर फूटा गुस्सा: मूकदर्शक बने रहने का आरोप

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और परिजनों ने स्थानीय थाली थाना पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं. परिजनों का आरोप है कि घटना की सूचना के बाद भी पुलिस ने न तो प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने में तत्परता दिखाई और न ही शव की खोजबीन में कोई सहयोग किया. ग्रामीणों ने खुद अपनी जान जोखिम में डालकर शव को तलाशा, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही. परिजनों ने कहा कि यदि समय रहते प्रशासन एनडीआरएफ (NDRF) या एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को बुला लेता, तो शव बहुत पहले बरामद किया जा सकता था.

ककोलत बंद होने के कारण जंगल के रास्ते गए थे छात्र

गौरतलब हो कि ककोलत जलप्रपात (Kakolat Waterfall) इन दिनों पर्यटकों के लिए बंद है. इसी वजह से मंगलवार की शाम धर्मराज अपने दो दोस्तों के साथ मुख्य रास्ते के बजाय जंगल के गुप्त रास्ते से होते हुए गोविंदपुर प्रखंड के प्रतिबंधित ‘अमझर कुंड’ में स्नान करने पहुंच गया था. इसी दौरान गहरे पानी में चले जाने से धर्मराज के डूबने की बात सामने आई थी, जिसका शव बुधवार को स्थानीय गोताखोरों की मदद से बाहर निकाला गया. फिलहाल मौके पर पहुंची नगर थाना और स्थानीय पुलिस परिजनों को समझा-बुझाकर जाम हटाने के प्रयास में जुटी है, लेकिन परिजन उच्चस्तरीय जांच और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं.

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Published by: Rajeev Kumar

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