Nawada Prince Murder Case : नवादा के सिरदला में प्रिंस कुमार हत्याकांड को लेकर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है. सोमवार को मामले में तीन और आरोपितों ने व्यवहार न्यायालय, नवादा में आत्मसमर्पण कर दिया. इसके साथ ही अब तक कोर्ट में सरेंडर करने वाले आरोपितों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है. यह कार्रवाई सिरदला और अकौना पंचायत क्षेत्र में बीएनएसएस की धारा 163 लागू रहने के अंतिम दिन हुई.
तीन आरोपितों ने कोर्ट में किया सरेंडर
सिरदला थाना कांड संख्या 251/26 में सोमवार को आत्मसमर्पण करने वालों में ललन राजवंशी, पिता अंगुनी राजवंशी, डेगन चौधरी, पिता सत्येंद्र चौधरी उर्फ हरिश्चंद्र चौधरी और हरिश्चंद्र चौधरी, पिता स्व. पुनीत चौधरी शामिल हैं. तीनों के कोर्ट में पहुंचने के बाद इस मामले में अब तक सरेंडर करने वाले आरोपितों की संख्या 14 हो गयी है.
21 अगस्त को पानी पटवन को लेकर हुआ था विवाद
मामला 21 अगस्त का है. पानी पटवन को लेकर हुए विवाद के बाद 16 वर्षीय प्रिंस कुमार की मौत हो गयी थी. घटना के बाद सिरदला थाना में कांड संख्या 251/26 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी. आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही थी.
अब तक 15 आरोपितों के घर चिपकाया गया इश्तहार
पुलिस की कार्रवाई के दौरान न्यायालय के आदेश पर आरोपितों के घर इश्तहार चिपकाने की कार्रवाई भी की गयी. अब तक 15 आरोपितों के घर इश्तहार चिपकाया जा चुका है. पुलिस की लगातार दबिश के बीच आरोपितों के एक-एक कर न्यायालय में आत्मसमर्पण करने का सिलसिला जारी है.
धारा 163 के दौरान पुलिस की विशेष निगरानी
घटना के बाद संभावित तनाव को देखते हुए सिरदला और अकौना पंचायत क्षेत्र में पुलिस की विशेष निगरानी रखी गयी. रजौली एसडीपीओ केतन अशोक इंगोले और सिरदला थानाध्यक्ष विनय कुमार चौरसिया के नेतृत्व में पुलिस बल लगातार क्षेत्र में गश्त करता रहा. संवेदनशील चौक-चौराहों पर पुलिस की तैनाती के साथ सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखी गयी.
जुलूस और सभा पर लगी थी रोक
बीएनएसएस की धारा 163 लागू रहने के दौरान क्षेत्र में जुलूस, सभा और सार्वजनिक आयोजनों पर रोक रही. सोमवार को इसकी अवधि समाप्त हो गयी. हालांकि, पुलिस अब भी मामले के फरार आरोपितों की गिरफ्तारी और क्षेत्र में विधि-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सतर्क है.
फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी
मामले में पुलिस की दबिश और आरोपितों के आत्मसमर्पण का सिलसिला जारी रहने से जांच की कार्रवाई भी आगे बढ़ रही है. अब पुलिस की नजर उन आरोपितों पर है, जिन्होंने अभी तक न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं किया है. पुलिस की ओर से उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर कार्रवाई जारी रखी गई है.
