खत्म होगा 30 किमी का लंबा सफर, नवादा में बन रहा 600 मीटर लंबा पुल, 54 करोड़ की लागत से हो रहा तैयार

Nawada News: नवादा जिले के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. सकरी नदी पर बन रहा पुल तेजी से तैयार हो रहा है. करोड़ों रुपये की लागत से बन रहा यह पुल न सिर्फ आवागमन आसान करेगा, बल्कि गांवों को शहर से जोड़कर विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का रास्ता खोलेगा.

Nawada News: नवादा जिले में सकरी नदी पर बन रहा पुल अब तेजी से आकार ले रहा है. यह पुल इलाके के लोगों के लिए लाइफलाइन माना जा रहा है. पुल का निर्माण झारखंड के देवघर की हरदेव कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है. काम दिन-रात चल रहा है और क्वालिटी बनाए रखने के लिए लेटेस्ट मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

कैसा होगा पुल

कंपनी की ओर से बताया गया कि इस पुल में कुल 21 पिलर बनाए जाएंगे, जिनके लिए 201 पाइलिंग की जानी है. अब तक करीब 150 पाइलिंग का काम पूरा हो चुका है. दो पिलरों का फाउंडेशन लगभग तैयार है. छह पिलरों की खुदाई के दौरान जमीन के नीचे चट्टान मिलने से थोड़ी परेशानी आ रही है. इसे हटाने के लिए खास मशीन मंगाई जा रही है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

सीएम नीतीश ने प्रगति यात्रा के समय की थी घोषणा

इस पुल की घोषणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 10 फरवरी 2025 को अपनी प्रगति यात्रा के दौरान की थी. सकरी नदी पर बन रहे इस पुल की लागत लगभग 54.83 करोड़ रुपये है. पुल की लंबाई 600 मीटर और चौड़ाई 12 मीटर होगी. इसके साथ गोविंदपुर बाजार की ओर करीब 2 किलोमीटर लंबा एप्रोच रोड भी बनेगा.

पुल के बन जाने से गोविंदपुर और सरकंडा पंचायत सीधे जुड़ जाएंगे. साथ ही महावरा, पिपरा, देलहुआ, शेखोपुर और रोह प्रखंड के कई गांवों को भी फायदा मिलेगा. अभी लोगों को नदी पार करनी पड़ती है या फिर झारखंड होते हुए 30 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है.

पुल बनने के बाद पुलिस और प्रशासन का काम आसान होगा. एंबुलेंस, पुलिस वाहन और आम लोगों की आवाजाही सुगम होगी.

इसे भी पढ़ें:  सम्राट चौधरी का बड़ा एलान, 2026 तक पूरे होंगे सभी वादे, लगेंगे बड़े उद्योग

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >