Nawada News : राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026-27 के सफल आयोजन को लेकर रजौली में तैयारियां शुरू हो गई हैं. इसी क्रम में बुधवार को रजौली इंटर विद्यालय में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के तत्वावधान में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया. प्रशिक्षण में अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों ने भाग लिया.
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परियोजना निर्माण और वैज्ञानिक सोच पर दिया गया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बाल विज्ञान कांग्रेस की गतिविधियों, परियोजना निर्माण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा नवाचार आधारित मॉडल तैयार करने की विस्तृत जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने बताया कि विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके विज्ञान आधारित समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए. इससे छात्रों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और अनुसंधान की भावना विकसित होगी. साथ ही विज्ञान परियोजनाओं के चयन, प्रस्तुतीकरण और मूल्यांकन की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई.
विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना विकसित करने का प्रभावी माध्यम : बीईओ
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) राकेश कुमार ने कहा कि बाल विज्ञान कांग्रेस विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना और अनुसंधान की प्रवृत्ति विकसित करने का प्रभावी माध्यम है. उन्होंने सभी विज्ञान शिक्षकों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को विद्यार्थियों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक छात्रों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया.
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शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक है प्रशिक्षण
रजौली इंटर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य आशुतोष प्रधान ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करते हैं. उन्होंने बताया कि इस वर्ष बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय 'निरंतर विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार' रखा गया है.
बड़ी संख्या में विज्ञान शिक्षक रहे उपस्थित
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीईओ राकेश कुमार, प्रभारी प्रधानाचार्य आशुतोष प्रधान, संजीव रंजन, अखिलेश कुमार, राजेश कुमार, रविंद्र कुमार सहित अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के विज्ञान शिक्षक उपस्थित रहे.
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