रजौली प्रखंड अंतर्गत हरदिया पंचायत के सुदूरवर्ती जंगली क्षेत्र स्थित सुअरलेटी प्राथमिक विद्यालय में सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का एक बेहद शर्मनाक मामला उजागर हुआ है. विद्यालय की प्रधानाध्यापिका प्रीति कुमारी पर स्कूल के पांच जोड़ा बेंच-डेस्क को टेंपो में लादकर ठिकाने लगाने का गंभीर आरोप लगा है.
इस पूरी घटना से न केवल स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है, बल्कि क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
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शिक्षक दिवस के दिन पकड़ी गईं प्रधानाध्यापिका
घटना बीते पांच सितंबर यानी शिक्षक दिवस की है, जब विद्यालय आधिकारिक रूप से बंद था. इसी मौके का फायदा उठाकर प्रधानाध्यापिका एक टेंपो पर पांच जोड़ा सरकारी बेंच-डेस्क लादकर ले जा रही थीं. गांव से बाहर निकलते ही राजेश कुमार, शंभू मांझी, संतोष मांझी और राजकुमार पासवान समेत दर्जनों ग्रामीणों ने संदेह के आधार पर टेंपो को रोक लिया.
पूछताछ करने पर प्रधानाध्यापिका ने दावा किया कि सामान हरदिया के दूसरे विद्यालय में कार्यक्रम करने हेतू भेजा जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों को आशंका है कि इसे खुले बाजार में बेचने की नीयत से ले जाया जा रहा था.
ग्रामीणों के कड़े विरोध के बाद प्रधानाध्यापिका ने सामान वापस तो पहुंचा दिया, लेकिन गुस्से में आकर बेंच-डेस्क की प्लाई खुलवा दी और लोहे के फ्रेम विद्यालय प्रांगण में फेंक दिए, जो अब खुले आसमान के नीचे जंग खा रहे हैं.
प्रशासनिक लीपापोती और जांच का आश्वासन
इन गंभीर आरोपों पर सफाई देते हुए प्रधानाध्यापिका प्रीति कुमारी ने बेंच-डेस्क बेचने के आरोप को बेबुनियाद बताया. हालांकि, उन्होंने बच्चों से रुपये लेने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि बच्चों से लगभग आठ सौ रुपये एकत्र कर शिक्षक दिवस का केक आदि मंगाया गया था.
प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीव झा ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया है कि प्रकरण संज्ञान में आ चुका है और निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
