नवादा: रजौली में अमीन प्रशिक्षण पूरा, 500 अंकों की परीक्षा में शामिल हुए 200 प्रशिक्षु

रजौली इंटर विद्यालय में 50 दिवसीय अमीन प्रशिक्षण का समापन 500 अंकों की लिखित व प्रायोगिक परीक्षा के साथ हुआ. 200 प्रशिक्षुओं ने परीक्षा दी, जिनका उद्देश्य भूमि सर्वेक्षण में रैयतों की मदद करना है. सफल अभ्यर्थियों को जल्द प्रमाण पत्र मिलेगा.

Amin Training: मुख्यालय स्थित इंटर विद्यालय के अंबेडकर सभागार में रविवार को अमीन की लिखित परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई. अमीन अनुदेशक मुकेश कुमार के नेतृत्व में आयोजित परीक्षा में कुल 200 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उमा विकास संस्थान के तत्वावधान में प्रखंड स्तर पर आयोजित किया गया था.

रैयतों को सर्वे में सहयोग करना मुख्य उद्देश्य

संस्थान द्वारा आयोजित 50 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बिहार में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण में रैयतों को सहयोग करना और आम लोगों को खेसरा मापी, खाता-खतियान, जमाबंदी एवं भू-अभिलेखों की जानकारी देना था.

अनुदेशक मुकेश कुमार ने बताया कि संस्थान का दोहरा उद्देश्य है. पहला, रैयतों को सर्वे में सही सहयोग मिल सके, ताकि वे अपने कागजात को समझ सकें और किसी बिचौलिए के चक्कर में न पड़ें. दूसरा, प्रशिक्षण के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को रोजगार का नया साधन उपलब्ध कराना है. प्रशिक्षण प्राप्त युवा गांव-गांव जाकर जमीन की पैमाइश कर अपना जीविकोपार्जन कर सकते हैं.

17 जुलाई से 12 सितंबर तक चलीं कक्षाएं

मुकेश कुमार ने बताया कि अमीन प्रशिक्षण के लिए रजौली इंटर विद्यालय के बाबूलाल भवन में 17 जुलाई से 12 सितंबर तक लगातार 50 दिनों तक कक्षाएं संचालित की गयीं. इस दौरान रजौली प्रखंड की विभिन्न पंचायतों हरदिया, चितरकोली, सवैयातांड़, अमावां, बहादरपुर, अंधरवारी समेत अन्य गांवों से आये 200 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया.

जमीन मापी से लेकर सर्वे की कानूनी जानकारी दी गयी

प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को जमीन मापने की पारंपरिक और आधुनिक विधियों की जानकारी दी गयी. जरीब और फीता से माप, नक्शा तैयार करना, खेसरा का क्षेत्रफल निकालना, एरिया कैलकुलेशन, खतियान पढ़ना, वंशावली बनाना और सर्वे से जुड़ी कानूनी बारीकियों के बारे में भी विस्तार से बताया गया.

500 अंकों की हुई लिखित व प्रायोगिक परीक्षा

50 दिनों के प्रशिक्षण की समाप्ति के बाद 13 सितंबर को लिखित परीक्षा आयोजित की गयी. परीक्षा कुल 500 अंकों की थी, जिसमें 400 अंक सैद्धांतिक और 100 अंक प्रायोगिक परीक्षा के लिए निर्धारित किये गये थे.

परीक्षा में भूमि सर्वेक्षण अधिनियम, माप की विधियों और दस्तावेजों से संबंधित वस्तुनिष्ठ एवं वर्णनात्मक प्रश्न पूछे गये.

एक माह में जारी होगा परीक्षा परिणाम

मुकेश कुमार ने बताया कि परीक्षा का परिणाम एक माह के भीतर प्रकाशित किया जायेगा. सफल अभ्यर्थियों को उमा विकास संस्थान की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान किया जायेगा. प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के बाद ये युवा बिहार सरकार द्वारा चलाये जा रहे विशेष सर्वेक्षण में रैयतों के सहयोगी के रूप में काम कर सकेंगे.

प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं ने कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें जमीन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जो भविष्य में उनके काम आयेंगी.

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By कुमार मनीष देव

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