Nawada News : भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 'आदि कर्मयोगी अभियान' के तहत जनजातीय क्षेत्रों में अंतिम छोर तक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं की पहुंच मजबूत करने के उद्देश्य से विशेष पहल शुरू की गई है. इसके तहत रजौली प्रखंड क्षेत्र की चितरकोली पंचायत स्थित दूधी माटी गांव के सामुदायिक भवन में 'आदि कर्मयोगी सेवा केंद्र' की शुरुआत की गई है. यहां 13 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक तीन दिवसीय जनसुनवाई एवं सहयोग शिविर का आयोजन जिला कल्याण कार्यालय, नवादा की ओर से किया जा रहा है.
बिरहोर समुदाय को शत-प्रतिशत योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य
प्रखंड कल्याण पदाधिकारी विपुल कुमार ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस विशेष जनसुनवाई शिविर का मुख्य उद्देश्य धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान तथा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह, बिरहोर समुदाय को शत-प्रतिशत सरकारी योजनाओं के लाभ से आच्छादित करना है. उन्होंने बताया कि दूधी माटी गांव में बिरहोर समुदाय के कुल चार परिवारों के 29 सदस्य निवास करते हैं. इनमें से अधिकांश लोगों को मूलभूत सरकारी योजनाओं का लाभ पहले ही मिल चुका है. बावजूद इसके, यदि किसी योजना या सेवा से संबंधित कोई कमी रह गई है, तो तीन दिवसीय शिविर के माध्यम से उसे चिह्नित कर तत्काल समाधान का प्रयास किया जा रहा है.
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पहले दिन रोजगार कार्ड और आधार से जुड़े आवेदन मिले
प्रखंड कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि शिविर के पहले दिन ही रोजगार कार्ड तथा आधार कार्ड में संशोधन और पंजीकरण से संबंधित तीन से चार आवेदन प्राप्त हुए हैं. इन आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है, ताकि पात्र लाभुकों को आवश्यक सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें.
राशन कार्ड से पेंशन तक की समस्याओं का होगा समाधान
शिविर में राशन कार्ड, पेंशन, आधार कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नाली-गली निर्माण समेत अन्य मूलभूत कल्याणकारी योजनाओं से वंचित लोगों को पात्रता के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी शिकायतों के निवारण की व्यवस्था की गई है. इसका उद्देश्य वंचित परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है.
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राज्य में स्थापित किए जा रहे आदि सेवा केंद्र
अधिकारियों के अनुसार राज्य भर में लक्षित 800 आदि सेवा केंद्रों के विरुद्ध अब तक 116 केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं. इसी कड़ी में दूधी माटी गांव में स्थापित आदि कर्मयोगी सेवा केंद्र के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों और आदि कर्मयोगी स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी से अभियान संचालित किया जा रहा है. इस पहल का उद्देश्य विकास की मुख्यधारा से दूर रह गए वंचित और जनजातीय परिवारों को शत-प्रतिशत सरकारी सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है.
ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान में जुटे अधिकारी
शिविर में ग्रामीणों को सहयोग प्रदान करने और उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए प्रखंड कल्याण पदाधिकारी विपुल कुमार के साथ विकास मित्र अर्जुन सुधारी एवं स्थानीय प्रतिनिधि सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं. अधिकारियों का प्रयास है कि शिविर के दौरान प्राप्त आवेदनों और शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जा सके.
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