Nawada News: नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र के सिमरकोल और घसियाडीह समेत कई मोहल्लों में बिना वैध पहचान पत्र के लगभग 200 संदिग्ध लोगों के रहने की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. स्थानीय समाजसेवी वीरेंद्र सिंह ने प्रशासन से इन लोगों के दस्तावेजों की गहन जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
बर्तन-बिंदी बेचने के बहाने रेकी करने का संदेह
समाजसेवी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से कुछ लोग मोहल्लों में घूमकर खराब मोबाइल के बदले बर्तन, और महिलाओं के बाल लेकर बूंदी व गार्डर दे रहे थे. इसी संदेह पर उन्होंने इलाके का सर्वे शुरू किया. सर्वे के दौरान सिमरकोल मोड़ के पास 3-4 आवासीय परिसरों में लगभग 100 लोग ऐसे मिले जिनके पास कोई वैध कागजात नहीं थे. वहीं घसियाडीह मोहल्ले के कई नवनिर्मित घरों में भी दर्जनों संदिग्ध लोग रह रहे थे. पूछताछ में उन्होंने खुद को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, मालदा और आसनसोल का रहने वाला बताया. उन्होंने संदेह जताया कि मकान मालिक कुछ पैसों के लालच में बिना किसी वैध कागजात के मकान किराए पर दे देते हैं, जो अपराध की घटनाओं को अंजाम देकर दूसरी जगह पलायन कर जाते हैं.
बांग्लादेशी घुसपैठ की जताई आशंका
समाजसेवी ने आशंका जताई कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर यानी मतदाता सूची पुनरीक्षण के कारण कई बांग्लादेशी देश के विभिन्न हिस्सों में घुसपैठ कर चुके हैं और उन्हीं में से कुछ लोग रजौली क्षेत्र में आकर रह रहे हैं. उनके अनुसार रजौली क्षेत्र में लगभग 200 बांग्लादेशी अवैध रूप से रह रहे हो सकते हैं. वीरेंद्र सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि इन संदिग्धों के सिर्फ आधार कार्ड ही नहीं, बल्कि वोटर कार्ड और राशन कार्ड की भी गहन जांच की जाए.
सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू की जांच
इस संबंध में थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रणजीत कुमार ने बताया कि समाजसेवी से सूचना मिलने के बाद एसआई सचिन कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस टीम इलाके में जाकर लोगों के दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है और पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी. थानाध्यक्ष ने सभी मकान मालिकों से अपील की है कि वे किरायेदारों के आवश्यक दस्तावेज लेकर थाने से सत्यापन कराने के बाद ही उन्हें मकान किराए पर दें.
