Nawada NEET UG Result 2026 : नवादा जिले के वारिसलीगंज नगर परिषद क्षेत्र से एक बड़ी और प्रेरणादायक खबर सामने आई है. कमलिया मील मोहल्ला निवासी आयुष भालोटिया ने NEET UG 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 720 में से 710 अंक हासिल किए हैं. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पूरे देश में चौथा स्थान और बिहार में पहला स्थान प्राप्त कर अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे जिले और राज्य का नाम रोशन कर दिया है.
आयुष की इस सफलता के बाद वारिसलीगंज समेत पूरे नवादा जिले में खुशी का माहौल है. हर कोई इस मेधावी छात्र की मेहनत और लगन की सराहना कर रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे शहरों से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं, आयुष इसका जीता-जागता उदाहरण हैं.
Success Story : परिवार ने बताया सफलता का मंत्र
आयुष के पिता सुनील भालोटिया और माता किरण भालोटिया ने बताया कि उनके बेटे की सफलता के पीछे कड़ी मेहनत, अनुशासन और मजबूत संकल्प की सबसे बड़ी भूमिका रही है. उन्होंने कहा कि आयुष ने हमेशा अपने लक्ष्य पर फोकस रखा और कभी भी मेहनत से पीछे नहीं हटे.
परिजनों के मुताबिक, शिक्षकों का मार्गदर्शन भी इस सफलता में अहम रहा. सही दिशा और निरंतर अभ्यास ने आयुष को इस मुकाम तक पहुंचाया. परिवार ने यह भी बताया कि आयुष ने अपनी पढ़ाई का अधिकतर हिस्सा घर पर रहकर ही पूरा किया.
Nawada News : स्कूलिंग से ही रहा शानदार प्रदर्शन
आयुष ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर बारहवीं तक की पढ़ाई वारिसलीगंज के ही सीबीएसई से मान्यता प्राप्त विवेकानंद पब्लिक स्कूल से पूरी की है. उन्होंने वर्ष 2024 में दसवीं और वर्ष 2026 में बारहवीं की परीक्षा पास की. शुरुआत से ही पढ़ाई में अव्वल रहने वाले आयुष का लक्ष्य डॉक्टर बनना रहा है.
स्थानीय शिक्षकों का कहना है कि आयुष शुरू से ही मेहनती और अनुशासित छात्र रहे हैं. उन्होंने हर क्लास में अपने प्रदर्शन से अलग पहचान बनाई और अब राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है.
Nawada Education News : परिवार और समाज में खुशी की लहर
आयुष के बड़े भाई आदित्य भालोटिया विदेश में इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं, जबकि उनके पिता व्यवसाय से जुड़े हैं. ऐसे में परिवार में शिक्षा और मेहनत का माहौल पहले से ही रहा है. आयुष की इस उपलब्धि से पूरे परिवार में जश्न का माहौल है.
वारिसलीगंज प्रखंड और नवादा जिले के लोग भी इस सफलता को अपनी उपलब्धि मान रहे हैं. कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने आयुष को बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है.
आयुष की यह सफलता न केवल उनके लिए बल्कि बिहार के हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है. सीमित संसाधनों के बावजूद अगर लगन और मेहनत हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.
