Nawada News : (विश्वनाथ कुमार) नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखंड कार्यालय परिसर में गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गई जब एक विशाल पेड़ की भारी टहनी अचानक टूटकर नीचे गिरने लगी. गनीमत रही कि टहनी बिजली के केबल वायर में फंस गई, जिससे वह सीधे जमीन पर नहीं गिरी और एक बड़ा हादसा टल गया. घटना के समय पेड़ के नीचे कई लोग मौजूद थे.
अचानक गिरी टहनी, मच गई दहशत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के वक्त परिसर में काफी संख्या में लोग मौजूद थे. धरहरा गांव निवासी मो. आरिफ की पत्नी अपने बच्चे के साथ पेड़ के पास खड़ी थीं. जैसे ही लोगों ने टहनी को टूटकर गिरते देखा, वहां अफरातफरी का माहौल बन गया और लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे.
बिजली के तार बने ‘रक्षक’, टला बड़ा हादसा
स्थानीय लोगों ने बताया कि टहनी काफी बड़ी और भारी थी. यदि वह सीधे जमीन पर गिरती तो कई लोग उसकी चपेट में आ सकते थे. सौभाग्य से टहनी बिजली के केबल वायर में फंस गई, जिससे उसकी रफ्तार थम गई और संभावित बड़ा हादसा टल गया.
तेज आवाज से डर गए लोग
टहनी टूटने के दौरान तेज धमाके जैसी आवाज हुई, जिसे सुनकर आसपास मौजूद लोग घबरा गए. कुछ देर के लिए पूरे परिसर में दहशत का माहौल बन गया. घटना के बाद लोग काफी देर तक सहमे रहे.
सूचना मिलते ही पहुंचा बिजली विभाग
घटना की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग के कनीय अभियंता को सूचित किया गया. सूचना मिलने के बाद विभागीय कर्मी मौके पर पहुंचे और केबल वायर में फंसी टहनी को सुरक्षित तरीके से हटाने की प्रक्रिया शुरू की. इससे विद्युत आपूर्ति और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई.
अस्पताल के पास जर्जर पेड़ से भी खतरा
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने परिसर और आसपास मौजूद अन्य जर्जर पेड़ों को लेकर चिंता जताई. विशेष रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पकरीबरावां के मुख्य द्वार के पास स्थित पीपल के पेड़ की एक बड़ी शाखा को लेकर लोगों ने आशंका व्यक्त की. उनका कहना है कि यह शाखा लंबे समय से कमजोर स्थिति में है और कभी भी टूटकर गिर सकती है.
रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही, बढ़ी चिंता
अस्पताल परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों, परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों का आना-जाना लगा रहता है. ऐसे में यदि कमजोर शाखा टूटकर गिरती है तो बड़ा हादसा हो सकता है. स्थानीय लोगों ने इसे गंभीर सुरक्षा खतरा बताया है.
लोगों ने उठाई छंटाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से परिसर में मौजूद जर्जर पेड़ों एवं सूखी शाखाओं की जल्द छंटाई कराने की मांग की है. उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से भविष्य में किसी भी दुर्घटना को रोका जा सकता है.
रोहुआ की घटना के बाद फिर बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि कुछ समय पहले रोहुआ गांव में पेड़ की टहनी टूटकर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. उस घटना के बाद भी क्षेत्र में जर्जर पेड़ों को हटाने की मांग उठी थी. अब प्रखंड कार्यालय परिसर में हुई ताजा घटना ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग तेज हो गई है.
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