Nawada News : (विशाल कुमार) नवादा जिला प्रभारी मंत्री एवं लघु जल संसाधन विभाग के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय, गोंदापुर का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने विद्यालय में संचालित शैक्षणिक और आवासीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
कक्षाओं में पहुंचकर देखी पढ़ाई की व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने शैक्षणिक भवन का भ्रमण किया और कक्षाओं में उपलब्ध संसाधनों, विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा पठन-पाठन की स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने शिक्षकों और अधिकारियों से भी शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर चर्चा की.
विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद
डॉ. संतोष कुमार सुमन ने छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, रहने की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की. उन्होंने बच्चों की समस्याएं और सुझाव भी सुने तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए.
हॉस्टल, पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था की जांच
प्रभारी मंत्री ने छात्रावासों का निरीक्षण करते हुए स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया. उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.
बच्चों को मिले सुरक्षित और बेहतर वातावरण
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है.
व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर
मंत्री ने कहा कि सरकार अनुसूचित जाति एवं वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. विद्यालय की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा.
अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
निरीक्षण के अंत में प्रभारी मंत्री ने विद्यालय प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को विद्यार्थियों की सुविधाओं, सुरक्षा और शैक्षणिक गुणवत्ता को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा से बढ़ी उम्मीदें
प्रभारी मंत्री के निरीक्षण के बाद विद्यालय प्रबंधन और विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया. उम्मीद जताई जा रही है कि उनके निर्देशों के बाद विद्यालय की व्यवस्थाओं में और सुधार होगा तथा छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा.
